यूरोपीय संघ के एक सैन्य दल ने 26 जनवरी 2026 को भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया — यूरोप के बाहर किसी सैन्य कार्यक्रम में EU की यह पहली भागीदारी थी। दल ने कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के साथ मार्च किया। यह भागीदारी 27 जनवरी को निर्धारित 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन से पहले भारत-EU रणनीतिक संबंधों की बढ़ती गहराई का प्रतीक थी। रूस के साथ भारत के पारंपरिक संबंधों और वैश्विक भू-राजनीति के बदलते समीकरणों को देखते हुए EU नेताओं का निमंत्रण राजनयिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी भारत को शुभकामनाएं भेजीं।
EU सैन्य दल ने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया — भारत की गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ दल की पहली भागीदारी
EU सैन्य दल ने यूरोप के बाहर पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में मार्च किया; 16वें शिखर सम्मेलन से पहले भारत-EU संबंध गहरे।
मुख्य तथ्य
- EU सैन्य दल ने 26 जनवरी 2026 को भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया — यूरोप के बाहर किसी सैन्य कार्यक्रम में EU की यह पहली भागीदारी थी।
- दल ने Kartavya Path पर भारतीय बलों के साथ मार्च किया।
- इस भागीदारी ने 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन से पहले गहराते रणनीतिक संबंधों का संकेत दिया।
- आमंत्रण राजनयिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण था क्योंकि भारत के रूस के साथ पारंपरिक रूप से घनिष्ठ संबंध हैं।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2018 भारत-EU संबंधों पर ब्रेग्जिट के प्रभाव की विवेचना कीजिए। — दोनों विकसित होते भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी और इसके कूटनीतिक आयामों पर चर्चा करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ सैन्य दल की भागीदारी का क्या रणनीतिक महत्व है?
उत्तर (50 शब्द):
26 जनवरी 2026 को यूरोपीय संघ दल का मार्च यूरोप के बाहर इस गुट की पहली सैन्य भागीदारी थी, जिसने 27 जनवरी को 16वें शिखर सम्मेलन से पहले भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक संबंधों की गहराई दिखायी। रूस के साथ भारत के पारंपरिक संबंधों और बदलती भू-राजनीति को देखते हुए यह बहु-संरेखण और यूरोपीय संघ की बढ़ती हिंद-प्रशांत सहभागिता का संकेत था।
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77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान यूरोपीय संघ का सैन्य दल किस स्थल पर भारतीय बलों के साथ परेड में शामिल हुआ?
यूरोपीय संघ का दल नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर भारतीय बलों के साथ चला।
स्रोत: WION
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणतंत्र दिवस 2026 परेड में EU की भागीदारी क्यों ऐतिहासिक थी?
एक **EU सैन्य दल** ने भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया — यह **यूरोप के बाहर किसी सैन्य कार्यक्रम में EU की पहली भागीदारी** थी।
EU सैन्य दल ने भारत के गणतंत्र दिवस पर कब मार्च किया?
EU सैन्य दल ने **26 जनवरी 2026 को भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड** में मार्च किया।
गणतंत्र दिवस 2026 में EU सैन्य दल की भागीदारी ऐतिहासिक क्यों है?
यह **यूरोप के बाहर किसी सैन्य परेड में EU की पहली भागीदारी** थी — गहराते भारत-EU सामरिक और सैन्य सहयोग का प्रतीक।
गणतंत्र दिवस पर EU सैन्य उपस्थिति क्या संकेत देती है?
EU सैन्य दल की भागीदारी **भारत-EU रक्षा सहयोग के एक नए आयाम** का संकेत देती है।
जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस के साथ EU से जुड़ी अन्य कौन-सी अहम घटनाएँ हुईं?
EU नेता **मुख्य अतिथि** बने, **16वाँ भारत-EU शिखर सम्मेलन 27 जनवरी** को हुआ और **भारत-EU FTA** पर हस्ताक्षर हुए।
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