नई दिल्ली में नर्मदा अवार्ड के लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह समझौता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की मौजूदगी में हुआ। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए और बैठक में केंद्र व चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

यह निपटारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण की लागत के बंटवारे से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों से संबंधित है। अंतिम निपटान के तहत देय लंबित राशि का भुगतान अब एकमुश्त कर दिया गया है। राजस्थान के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान को लाभ बताया गया। अमित शाह ने कहा कि बांध पूरा होने से इन राज्यों में पानी और बिजली पहुंची, और राजस्थान में जहां नर्मदा का पानी पहुंचा, वहां भूमि की कीमत और किसान की स्थिति दोनों बदल गईं।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा तैयारी के लिए यह समझौता अंतर-राज्यीय जल शासन और सहकारी संघवाद का उपयोगी तथ्यात्मक उदाहरण है। अमित शाह ने इसे जल सुरक्षा मजबूत करने और सहकारी संघवाद बढ़ाने की पहल से जोड़ा। उन्होंने किशाऊ बांध, राजस्थान-हरियाणा जल विवाद और इस समझौते को सहकारी संघवाद के उदाहरण बताया और कहा कि देश में कहीं भी पानी का उपयोग हो, लाभ एक भारतीय को ही होता है तथा विवादों को राष्ट्रीय नुकसान को ध्यान में रखकर सुलझाना चाहिए।