भारत सरकार देशभर में मशीनीकृत सफाई व्यवस्था की ओर बदलाव तेज़ करने और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नमस्ते योजना लागू कर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय इसे मिलकर लागू कर रहे हैं। योजना का लक्ष्य मशीनीकृत सफाई, कौशल विकास और व्यापक कल्याणकारी उपायों से सीवरों व सेप्टिक टैंकों की खतरनाक हाथ से सफाई खत्म करना है। इसके तहत सफाई कर्मचारियों की पहचान और उनका विवरण तैयार किया जाता है। उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य बीमा, आयुष्मान भारत योजना, काम के दौरान सुरक्षा का प्रशिक्षण, कौशल विकास, स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और आधुनिक मशीनीकृत सफाई उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को भी बेहतर सुरक्षा उपकरणों से मज़बूत किया जा रहा है। योजना का लक्ष्य सफाई कार्य में मौतों को शून्य करना, खतरनाक कचरे से सीधे मानवीय संपर्क को खत्म करना, मशीनीकृत उपकरणों से काम कराना, कुशल कार्यबल तैयार करना और स्वयं सहायता समूहों व आजीविका के अन्य अवसरों से उद्यमिता बढ़ाना है। अब तक 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 2,81,117 कचरा बीनने वालों का सत्यापन हुआ है। सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों को 87,037 तथा कचरा बीनने वालों को 1,84,118 व्यक्तिगत सुरक्षा किट दी गई हैं। 76,845 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों व 1,04,729 कचरा बीनने वालों को स्वास्थ्य कार्ड जारी हुए हैं। देशभर में 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। सरकार इस काम में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
नमस्ते योजना से मशीनीकृत सफाई, सुरक्षा और सफाईकर्मियों के कल्याण का दायरा बढ़ा
नमस्ते योजना मशीनीकृत सफाई के साथ सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका सहायता को जोड़ती है। योजना के तहत कर्मचारियों का सत्यापन, सुरक्षा किट व स्वास्थ्य कार्ड का वितरण और 753 आपातकालीन स्वच्छता इकाइयों को आधुनिक उपकरण देना शामिल है।
मुख्य तथ्य
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय नमस्ते योजना को मिलकर लागू कर रहे हैं।
- योजना मशीनीकृत सफाई के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा, कौशल, स्वास्थ्य संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका सहायता पर केंद्रित है।
- इसके तहत 89,915 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 2,81,117 कचरा बीनने वालों का सत्यापन हुआ है।
- सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों को 87,037 तथा कचरा बीनने वालों को 1,84,118 सुरक्षा किट दी गई हैं।
- 76,845 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 1,04,729 कचरा बीनने वालों को स्वास्थ्य कार्ड जारी हुए हैं।
- कुल 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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नमस्ते योजना की बताई गई प्रगति के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. योजना के तहत 89,915 कचरा बीनने वालों का सत्यापन हुआ है। 2. कुल 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
कथन 1 गलत है: 89,915 सत्यापित लोगों की संख्या सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों की है; सत्यापित कचरा बीनने वालों की संख्या 2,81,117 है। कथन 2 सही है: 753 आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नमस्ते योजना को कौन-से मंत्रालय मिलकर लागू कर रहे हैं?
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय इसे मिलकर लागू कर रहे हैं।
नमस्ते योजना किस खतरनाक काम को खत्म करना चाहती है?
यह मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देकर सीवरों और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक हाथ से सफाई खत्म करना चाहती है।
सफाई कर्मचारियों को योजना में क्या सहायता मिलती है?
उन्हें सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य बीमा, आयुष्मान भारत योजना, काम के दौरान सुरक्षा का प्रशिक्षण, कौशल विकास, स्वरोजगार सहायता और आधुनिक सफाई उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
कितने कर्मचारियों और कचरा बीनने वालों को स्वास्थ्य कार्ड मिले हैं?
76,845 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों तथा 1,04,729 कचरा बीनने वालों को स्वास्थ्य कार्ड जारी हुए हैं।
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