सरकार ने कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में पूरे भारत से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया। इन अतिथियों में किसान, कारीगर, वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक, महिला उद्यमी, छात्र, खिलाड़ी, प्रमुख सरकारी योजनाओं के लाभार्थी और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता शामिल थे। हाल के वर्षों में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य गणतंत्र दिवस को केवल औपचारिक कार्यक्रम न रखकर वास्तव में जन उत्सव बनाना है। अतिथियों को परेड में विशेष सीटें दी गईं और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मान्यता दी गई।