रेडियो संगम भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार से जुड़ी पहल का महत्वपूर्ण उदाहरण है। भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन और स्थानीय निवासियों के सहयोग से 2 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दूंगी ब्लॉक के केरी गांव में इसे शुरू किया। यह नियंत्रण रेखा के पास भारत का पहला सामुदायिक रेडियो स्टेशन है और 88.8 एफएम पर प्रसारण करता है।
इस स्टेशन से जागरूकता अभियान, कृषि सुझाव, स्थानीय समाचार और सांस्कृतिक सामग्री प्रसारित की जाती है। सीमा के पास रहने वाले समुदायों के लिए भरोसेमंद स्थानीय सूचना बहुत अहम होती है। रेडियो संगम का मुख्य उद्देश्य सूचना की इसी कमी को दूर करना है, ताकि स्थानीय लोगों को प्रशासन, खेती, समाज और संस्कृति से जुड़ी उपयोगी जानकारी अपने क्षेत्रीय संदर्भ में मिल सके। राष्ट्रीय और रक्षा-सुरक्षा संदर्भ के कारण इसे केवल स्थानीय समाचार नहीं, बल्कि सीमावर्ती समुदायों तक सूचना पहुंचाने के शासन-संबंधी उदाहरण के रूप में भी पढ़ना चाहिए।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती प्रशासन, सामुदायिक संचार और नागरिक-सेना सहयोग से जुड़ता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह तथ्यात्मक प्रश्न के रूप में पूछा जा सकता है: रेडियो संगम कहां शुरू हुआ, किसने सहयोग किया, इसकी फ्रीक्वेंसी क्या है और यह किस सीमा क्षेत्र से जुड़ा है। मुख्य परीक्षा में इसका उपयोग सीमा क्षेत्रों में शासन, सूचना पहुंच, स्थानीय भागीदारी और सुरक्षा-संवेदनशील इलाकों में विश्वास निर्माण के उदाहरण के रूप में किया जा सकता है। स्टैटिक जीके के लिए सामुदायिक रेडियो, नियंत्रण रेखा, जम्मू-कश्मीर का सीमावर्ती भूगोल और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को साथ पढ़ना उपयोगी रहेगा।
