पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने जहाज निर्माण वित्तीय सहायता योजना (एसबीएफएएस) और जहाज निर्माण विकास योजना (एसबीडीएस) के परिचालन दिशानिर्देश अधिसूचित किए हैं। दोनों योजनाओं का कुल बजट ₹44,700 करोड़ है और इनकी वैधता 31 मार्च 2036 तक रखी गई है। इस अपडेट का मुख्य महत्व तीन तथ्यों से बनता है: बड़ा सार्वजनिक बजट, मंत्रालय द्वारा अधिसूचित दिशानिर्देश और भारत को वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनाने का घोषित लक्ष्य।

एसबीएफएएस के लिए ₹24,736 करोड़ का आवंटन है। इसके तहत प्रति जहाज 15-25% वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे परीक्षा की दृष्टि से दो बातें सीधे याद रखनी हैं: योजना का मुख्य जोर जहाज निर्माण पर है और सहायता का आधार प्रति जहाज है। दूसरी ओर, एसबीडीएस के लिए ₹19,989 करोड़ रखे गए हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में क्षमता निर्माण है। दोनों योजनाएं मिलकर भारत को वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य से जुड़ी हैं।

RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इसे औद्योगिक नीति, सार्वजनिक व्यय, मंत्रालय-योजना संबंध और क्षमता निर्माण से जोड़कर पढ़ें। प्रीलिम्स में मंत्रालय, कुल बजट, योजना-वार आवंटन, 15-25% सहायता और 31 मार्च 2036 की वैधता पूछी जा सकती है। मुख्य परीक्षा में इसे औद्योगिक नीति, सार्वजनिक व्यय की प्राथमिकता और क्षमता निर्माण के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। तैयारी करते समय वित्तीय सहायता योजना और विकास योजना को अलग-अलग याद रखें, क्योंकि पहली योजना सीधे प्रति जहाज सहायता से जुड़ी है, जबकि दूसरी योजना क्षमता निर्माण से जुड़ी है।