केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति का मसौदा जारी किया है और इस पर जनता से सुझाव तथा टिप्पणियाँ आमंत्रित की हैं। मसौदा 13 जुलाई 2026 को प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध कराया गया और टिप्पणियाँ भेजने की अंतिम तिथि 27 जुलाई 2026 रखी गई है।
मसौदे का केंद्रीय प्रस्ताव एक 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यसूची' की स्थापना है, जिसे देश में स्वास्थ्य अनुसंधान के मार्गदर्शन और समन्वय का केंद्रीय ढाँचा माना गया है। नीति का लक्ष्य एक ऐसा 'भरोसेमंद, समावेशी, आत्मनिर्भर और प्रभाव-केंद्रित स्वास्थ्य अनुसंधान तंत्र' खड़ा करना है जो लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील हो।
मसौदे में उच्च गुणवत्ता वाले, नैतिक और नवाचारपूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के साथ-साथ उभरती चुनौतियों का समाधान करना तथा स्वास्थ्य परिणामों और समता में सुधार लाना है।
मंत्रालय के अनुसार, यह मसौदा विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया, जिनके सुझावों को इस सार्वजनिक परामर्श से पहले समाहित किया गया। व्यापक जन-भागीदारी के माध्यम से मंत्रालय नीति को अंतिम रूप देने से पूर्व इसे और परिष्कृत करना चाहता है। यह पहल देश के स्वास्थ्य अनुसंधान तंत्र को सुदृढ़ करने और उसे बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने का एक संरचित प्रयास दर्शाती है।
