राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस हर साल 24 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिन राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत 24 सितंबर 1969 को हुई थी। यह युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत एक स्थायी युवा कार्यक्रम है। इसका मूल उद्देश्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के छात्रों को सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो।

राष्ट्रीय सेवा योजना परीक्षा की दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युवा कार्यक्रम, सामाजिक सेवा, समुदाय-आधारित विकास और नागरिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को जोड़ती है। इसके स्वयंसेवक सामुदायिक सेवा, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों और विकास गतिविधियों में भाग लेते हैं। हर साल 39 लाख से अधिक स्वयंसेवक इन गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। यह संख्या योजना के व्यापक प्रसार और युवाओं की भागीदारी को दिखाती है।

स्टैटिक जीके के लिए इसकी स्थापना-तिथि, मंत्रालय, उद्देश्य और आदर्श वाक्य याद रखना उपयोगी है। राष्ट्रीय सेवा योजना का आदर्श वाक्य 'मैं नहीं, आप' है, जो व्यक्तिगत हित से ऊपर समाज-सेवा की भावना को रखता है। साक्षरता अभियान, रक्तदान शिविर और आपदा राहत जैसे उदाहरण इसे केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समुदाय के स्तर पर काम करने वाली व्यवस्था के रूप में दिखाते हैं। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह विषय प्रीलिम्स के तथ्यात्मक प्रश्नों और मुख्य परीक्षा में युवा शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी तथा जन-भागीदारी से जुड़े उत्तरों के लिए उपयोगी बनता है।