प्रकाशित: 20 मार्च 2026PIB / GeniusWindow / Patrikaपर्यावरण
भारत ने विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या पर जल शासन पर प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण साझा किया; जल जीवन मिशन 2.0 शुरू होने को तैयार
Aसीधा उत्तर
21 मार्च 2026 (विश्व जल दिवस की पूर्व संध्या) को प्रधानमंत्री मोदी ने जल शासन पर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। जल जीवन मिशन 2.0 की घोषणा के साथ राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026 और नई जल जनगणनाएँ जारी की गईं। भारत के सबसे जल-संकटग्रस्त राज्य राजस्थान ने अपने 2026-27 बजट में पेयजल आपूर्ति के लिए ₹6,800 करोड़ आवंटित किए।
मुख्य तथ्य
विश्व जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है; पीएम मोदी ने 21 मार्च 2026 की पूर्व संध्या पर भारत के जल शासन पर अपना दृष्टिकोण रखा।
जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) की घोषणा 15 करोड़ परिवारों तक नल जल सेवाओं को बनाए रखने और उनका विस्तार करने के लिए की गई।
राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026 जारी की गई, जो राज्यों में जल डेटा संग्रह और साझाकरण के लिए एक समान मानक तय करती है।
भारत के सतही और भूजल संसाधनों के व्यापक मानचित्रण के लिए नई जल जनगणनाएं शुरू की गईं।
राजस्थान — भारत का सबसे जल-संकटग्रस्त राज्य — को 2026-27 बजट में पेयजल आपूर्ति के लिए ₹6,800 करोड़ आवंटित किए गए।
JJM चरण 1 (2019–2024) ने 14 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को जोड़ा; JJM 2.0 स्थिरता और शहरी कवरेज पर केंद्रित है।
21 मार्च 2026 को — विश्व जल दिवस (22 मार्च) की पूर्व संध्या पर — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल शासन पर भारत के व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए एक लेख साझा किया, जिसमें टिकाऊ प्रबंधन, संरक्षण और न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया गया। इसी दौरान जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) की घोषणा की — यह पहले चरण के बाद शुरू किया गया है, जिसमें 2019–2024 के बीच 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल के पानी से जोड़ा गया था। JJM 2.0 सेवा वितरण की स्थिरता, जल गुणवत्ता की निगरानी और अब तक असंबद्ध बची बस्तियों में आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करेगा।
भारत ने विश्व जल दिवस से पहले राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026, 7वीं लघु सिंचाई जनगणना और जल निकायों की दूसरी जनगणना भी जारी की। राजस्थान — भारत का सबसे जल-संकटग्रस्त राज्य, जो भारत की 10.4% भूमि पर है लेकिन केवल 1.16% सतही जल पर — JJM का मुख्य केंद्र रहा है। राजस्थान बजट 2026-27 में पेयजल आपूर्ति के लिए ₹6,800 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2023 राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना (RWSLIP) पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। — दोनों राजस्थान में जल सेवा वितरण से संबंधित हैं; लेख पेयजल आपूर्ति हेतु 6,800 करोड़ रुपये के 2026-27 बजट आवंटन का विवरण देता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: विश्व जल दिवस 2026 से पहले घोषित भारत की जल शासन पहलों का जल जीवन मिशन 2.0 एवं राजस्थान की प्राथमिकताओं के विशेष संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
21 मार्च 2026 को जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन 2.0 घोषित किया; पहला चरण 2019-2024 में 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल-जल से जोड़ चुका है। राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026 एवं दूसरी जल निकाय जनगणना जारी हुई; राजस्थान बजट 2026-27 ने 6,245 गांवों के लिए 6,800 करोड़ रुपये आवंटित किए।
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जल जीवन मिशन 2.0 कितने ग्रामीण परिवारों को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखता है?
व्याख्या · सही उत्तर D
JJM 2.0 का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल जल कनेक्शन सुनिश्चित करना और सभी ग्राम पंचायतों को 'हर घर जल' घोषित करना है।
विश्व जल दिवस किस तारीख को मनाया जाता है और भारत के 2026 आयोजन में क्या विशेष था?
विश्व जल दिवस प्रतिवर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है। 2026 के आयोजन में पीएम मोदी ने 21 मार्च (पूर्व संध्या) को भारत का जल शासन दृष्टिकोण साझा किया और इस अवसर पर जल जीवन मिशन 2.0 की घोषणा तथा राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026 का विमोचन किया गया।
जल जीवन मिशन 2.0 क्या है और यह चरण 1 से कैसे भिन्न है?
जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) की घोषणा 15 करोड़ परिवारों तक नल जल (हर घर जल) सेवाओं को बनाए रखने और उनका विस्तार करने के लिए की गई। JJM चरण 1 (2019–2024) में पहली बार 14 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को जोड़ने पर ध्यान था, जबकि JJM 2.0 स्थायित्व, रखरखाव और शहरी कवरेज के विस्तार पर केंद्रित है।
राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026 क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों थी?
राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026 राज्यों में जल डेटा के संग्रह, साझाकरण और उपयोग को मानकीकृत करने के लिए जारी की गई। इसकी आवश्यकता राष्ट्रीय स्तर पर जल संसाधन डेटा को सुसंगत और तुलनीय बनाने के लिए थी, ताकि जल प्रबंधन, सूखे से निपटने की तैयारी और बाढ़ नियंत्रण की बेहतर योजना बनाई जा सके।
राजस्थान ने अपने 2026-27 बजट में पेयजल आपूर्ति के लिए कितना आवंटन किया और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान ने 2026-27 राज्य बजट में पेयजल आपूर्ति के लिए ₹6,800 करोड़ आवंटित किए। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजस्थान भारत का सबसे जल-संकटग्रस्त राज्य है — भारत के भूक्षेत्र का दसवाँ हिस्सा होने के बावजूद यहाँ केवल लगभग 1% सतही जल संसाधन हैं — इसलिए जल ढांचे में निवेश अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
भारत ने जो नई जल जनगणनाएं शुरू की हैं, वे क्या हैं और उनका उद्देश्य क्या है?
भारत ने देश के सतही और भूजल संसाधनों का व्यापक मानचित्रण करने के लिए नई जल जनगणनाएं शुरू कीं। इनका उद्देश्य राज्यों में जल उपलब्धता, उपयोग के तरीके और जल-संकट वाले क्षेत्रों पर ताजा, विश्वसनीय डेटा तैयार करना है, ताकि राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय जल नीति और योजना बनाने में मदद मिल सके।
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