21 मार्च 2026 को — विश्व जल दिवस (22 मार्च) की पूर्व संध्या पर — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल शासन पर भारत के व्यापक दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए एक लेख साझा किया, जिसमें टिकाऊ प्रबंधन, संरक्षण और न्यायसंगत वितरण पर जोर दिया गया। इसी दौरान जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) की घोषणा की — यह पहले चरण के बाद शुरू किया गया है, जिसमें 2019–2024 के बीच 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल के पानी से जोड़ा गया था। JJM 2.0 सेवा वितरण की स्थिरता, जल गुणवत्ता की निगरानी और अब तक असंबद्ध बची बस्तियों में आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करेगा।

भारत ने विश्व जल दिवस से पहले राष्ट्रीय जल डेटा नीति 2026, 7वीं लघु सिंचाई जनगणना और जल निकायों की दूसरी जनगणना भी जारी की। राजस्थान — भारत का सबसे जल-संकटग्रस्त राज्य, जो भारत की 10.4% भूमि पर है लेकिन केवल 1.16% सतही जल पर — JJM का मुख्य केंद्र रहा है। राजस्थान बजट 2026-27 में पेयजल आपूर्ति के लिए ₹6,800 करोड़ आवंटित किए गए हैं।