व्यवसायों के अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ वर्गीकरण पर भारत-ILO समझौता ज्ञापन
Aसीधा उत्तर
भारत ने आईएलओ के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय संदर्भ वर्गीकरण विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए; इससे पेशा-संबंधी आंकड़ों की तुलनीयता, कौशल की पारस्परिक मान्यता और भारतीय श्रमिकों के वैश्विक रोजगार अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य तथ्य
भारत-ILO MoU: भारत के NCO को ISCO-08 के अनुरूप बनाने के लिए समझौता
ISCO-08 130 से अधिक देशों में उपयोग होने वाला अंतर्राष्ट्रीय व्यावसायिक वर्गीकरण मानक है
NCO को ISCO-08 के अनुरूप बनाने से भारतीय श्रमिकों की योग्यता को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी
विशेष रूप से GCC देशों और यूरोप में रोजगार पाना आसान होगा
भारत के NCO को 2015 में आखिरी बार संशोधित किया गया था; इसे ISCO-08 के अनुरूप बनाना एक दीर्घ-प्रतीक्षित सुधार है
भारत की विदेश रोजगार सुविधा और द्विपक्षीय श्रम समझौतों को मजबूती मिलेगी
भारत ने 16 सितंबर 2025 को अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय संदर्भ वर्गीकरण विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन किया। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने हस्ताक्षर समारोह में ऑनलाइन भाग लिया। जिनेवा में इस समझौते पर भारत के राजदूत और स्थायी मिशन के प्रतिनिधि अरिंदम बागची तथा आईएलओ के महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. होंगबो ने हस्ताक्षर किए।
PIB के अनुसार, यह वर्गीकरण आंकड़ों की तुलनीयता बढ़ाएगा और कौशल की पारस्परिक मान्यता को प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारतीय श्रमिक वैश्विक श्रम बाजारों से बेहतर ढंग से जुड़ सकेंगे। समझौता हरित, डिजिटल और देखभाल क्षेत्रों में व्यवहार्यता अध्ययन और पायलट अभ्यास के लिए भी ढांचा उपलब्ध कराता है। यह पहल भारत की 2023 जी20 अध्यक्षता के दौरान कौशल-आधारित और नियमित प्रवासन मार्गों पर बनी प्रतिबद्धता से जुड़ी है।
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स्रोत: PIB/ILO
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ISCO-08 क्या है?
ISCO-08 (व्यवसायों का अंतर्राष्ट्रीय मानक वर्गीकरण, 2008) ILO द्वारा संचालित अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ मानक है, जिसका उपयोग 130 से अधिक देश करते हैं।
भारत का NCO क्या है?
NCO (राष्ट्रीय व्यवसाय वर्गीकरण) भारत में इस्तेमाल होने वाला व्यावसायिक वर्गीकरण ढांचा है, जिसे 2015 में अंतिम बार संशोधित किया गया था।
भारत-ILO MoU का उद्देश्य क्या है?
MoU का उद्देश्य भारत के NCO को ISCO-08 के अनुरूप बनाना है, ताकि भारतीय श्रमिकों की योग्यता को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले और विदेश में रोजगार पाना आसान हो।
यह MoU भारतीय प्रवासी श्रमिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
ISCO-08 से मेल बैठने पर GCC देशों, यूरोप आदि में भारतीय श्रमिकों के प्रमाण-पत्रों को बेहतर मान्यता मिलेगी, वेतन तय करने के मानक स्पष्ट होंगे और द्विपक्षीय श्रम समझौतों में सुधार होगा।
भारत की ओर से MoU पर किस मंत्रालय ने हस्ताक्षर किए?
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने भारत सरकार की ओर से MoU पर हस्ताक्षर किए।
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