संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को महिला किसान का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया और खाद्य एवं कृषि संगठन अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के साथ इसकी गतिविधियों का समन्वय कर रहा है। भारत ने आधिकारिक सामग्री और महिला कृषि-खाद्य प्रणाली वैश्विक सम्मेलन 2026 में कृषि में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया। भारत में 80% ग्रामीण महिलाएं कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में लगी हैं; इनमें 33% कृषि श्रमिक और 48% स्वरोजगार किसान हैं। महिलाएं फसल उत्पादन में 75%, बागवानी में 79% और पशुपालन व मत्स्य पालन में 95% योगदान देती हैं।

विज्ञान और शोध में भी महिलाओं की भागीदारी को लेकर हर चरण पर बड़ा अंतर दिखता है: उच्च शिक्षा स्तर पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित विषयों में महिलाओं की भागीदारी 43% है, पर शोध एवं विकास कार्यबल में उनका हिस्सा 18.6% है। महिला कृषि-खाद्य प्रणाली वैश्विक सम्मेलन 2026, जिसका विषय “प्रगति को गति, नई ऊंचाइयों की प्राप्ति” था, 12-14 मार्च 2026 को नई दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ। भूमि के मामले में कृषि जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण का आधिकारिक माप बताता है कि महिलाओं द्वारा संचालित परिचालन जोतों की हिस्सेदारी 2015-16 में 13.9% तक बढ़ी; फिर भी यह कृषि परिसंपत्तियों पर नियंत्रण में बड़े लैंगिक अंतर को दिखाता है।