टीबीएम 'दुर्गा' ने कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन पर हासिल किया सफल ब्रेकथ्रू
Aसीधा उत्तर
कोलकाता मेट्रो की टनल बोरिंग मशीन 'दुर्गा' ने पर्पल लाइन पर विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफल ब्रेकथ्रू हासिल किया, जिससे जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर खिदिरपुर-विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का हिस्सा पूरा हुआ। यह कॉरिडोर दक्षिण कोलकाता को केंद्रीय वाणिज्यिक क्षेत्र से जोड़ेगा और पूर्व-पश्चिम संपर्क में सुधार करेगा।
मुख्य तथ्य
टीबीएम 'दुर्गा' ने पर्पल लाइन पर विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर ब्रेकथ्रू हासिल किया।
जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर खिदिरपुर-विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का हिस्सा पूरा हुआ।
सुरंग निर्माण 10 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था और एक साल में पूरा हुआ।
यह कॉरिडोर दक्षिण कोलकाता को केंद्रीय वाणिज्यिक क्षेत्र से जोड़ेगा और पूर्व-पश्चिम संपर्क सुधारेगा।
इससे पहले ऑरेंज लाइन पर चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर वायाडक्ट गैप पाटा गया था।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अगले 4-5 वर्षों में 60 नई मेट्रो ट्रेनों की घोषणा की; 2014 से 45 किमी नया नेटवर्क शुरू हुआ, पहले सिर्फ 28 किमी था।
कोलकाता मेट्रो ने पर्पल लाइन पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) 'दुर्गा' का सफल ब्रेकथ्रू हासिल कर एक बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धि दर्ज की। यह ब्रेकथ्रू विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर हुआ और इसके साथ ही जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर खिदिरपुर-विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का एक हिस्सा पूरा हो गया। इस स्ट्रेच पर सुरंग निर्माण 10 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था, यानी काम ठीक एक साल में पूरा हुआ।
जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर कोलकाता के दक्षिणी इलाकों को शहर के केंद्रीय वाणिज्यिक क्षेत्र से जोड़ेगा। इससे शहर में पूर्व-पश्चिम संपर्क में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों का सफर समय कम होगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा।
यह उपलब्धि इससे पहले कवि सुभाष-एयरपोर्ट कॉरिडोर (ऑरेंज लाइन) पर चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर लंबे वायाडक्ट गैप को पाटे जाने के बाद मिली है, जो उस लाइन के निर्माण में एक बड़ी बाधा थी।
इसके बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता मेट्रो विस्तार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, मेट्रो से यात्रा की और यात्रियों से बातचीत की। उन्होंने अगले 4-5 वर्षों में करीब 60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनें शामिल किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक कोलकाता और आसपास 45 किलोमीटर नया मेट्रो नेटवर्क शुरू हो चुका है, जबकि 2014 से पहले यह सिर्फ 28 किलोमीटर था।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
कोलकाता मेट्रो की हालिया उपलब्धि के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. टीबीएम 'दुर्गा' ने जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन पर अपना ब्रेकथ्रू हासिल किया।
2. जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर का उद्देश्य संपर्क में सुधार करना तथा यात्रा समय एवं सड़क यातायात के दबाव को कम करना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या · सही उत्तर A
कथन 1 सही है: टीबीएम 'दुर्गा' ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफल ब्रेकथ्रू हासिल किया, जिससे जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर भूमिगत सुरंग का एक हिस्सा पूरा हुआ। कथन 2 सही है: जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर का उद्देश्य कोलकाता में पूर्व-पश्चिम संपर्क सुधारना, यात्रा समय घटाना और सड़क यातायात का दबाव कम करना है। अतः दोनों कथन सही हैं।
'दुर्गा' कोलकाता मेट्रो द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक टनल बोरिंग मशीन है। इसने पर्पल लाइन पर विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफल ब्रेकथ्रू हासिल किया, जिससे जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर पर खिदिरपुर-विक्टोरिया भूमिगत सुरंग का हिस्सा पूरा हो गया।
खिदिरपुर-विक्टोरिया स्ट्रेच पर सुरंग निर्माण कब शुरू हुआ था?
इस स्ट्रेच पर सुरंग निर्माण 10 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था और एक साल बाद, 10 जुलाई 2026 को पूरा हुआ।
जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर से कोलकाता को क्या फायदा होगा?
यह कॉरिडोर कोलकाता के दक्षिणी इलाकों को केंद्रीय वाणिज्यिक क्षेत्र से जोड़ेगा, पूर्व-पश्चिम संपर्क में बड़ा सुधार लाएगा, यात्रा समय घटाएगा और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता दौरे के दौरान क्या घोषणा की?
उन्होंने अगले 4-5 वर्षों में करीब 60 नई पीढ़ी की मेट्रो ट्रेनें शामिल किए जाने की घोषणा की और बताया कि 2014 से अब तक कोलकाता और आसपास 45 किलोमीटर नया मेट्रो नेटवर्क शुरू हो चुका है, जबकि 2014 से पहले यह सिर्फ 28 किलोमीटर था।
कोलकाता मेट्रो ने ऑरेंज लाइन पर पहले क्या उपलब्धि हासिल की थी?
कोलकाता मेट्रो ने इससे पहले कवि सुभाष-एयरपोर्ट (ऑरेंज लाइन) कॉरिडोर पर चिंगड़ीघाटा में 62 मीटर लंबे वायाडक्ट गैप को सफलतापूर्वक पाटा था, जिससे निर्माण की एक बड़ी बाधा दूर हुई।
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