भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (ISSA) का उत्कृष्ट उपलब्धि पुरस्कार 2025 जीता है। यह पुरस्कार पिछले दशक में देश में सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हुए उल्लेखनीय विस्तार की मान्यता है।
यह पुरस्कार कुआलालंपुर, मलेशिया में आयोजित विश्व सामाजिक सुरक्षा फोरम में प्रदान किया गया। भारत यह प्रतिष्ठित मान्यता पाने वाला विश्व स्तर पर केवल 5वाँ देश बना।
भारत में सामाजिक सुरक्षा का दायरा 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% हो गया है — दस वर्षों में 45 प्रतिशत अंक से अधिक की वृद्धि। इस असाधारण विस्तार से लगभग 94 करोड़ नागरिक किसी न किसी रूप में सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गए हैं।
इस उपलब्धि का एक प्रमुख स्तंभ ई-श्रम पोर्टल है, जिसे 2021 में शुरू किया गया था और जिसमें 30 करोड़ से अधिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है। ई-श्रम असंगठित श्रमिकों को सरकारी कल्याण योजनाओं, बीमा लाभों और रोजगार के अवसरों तक पहुँचने के लिए एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म देता है।
इस दायरे के विस्तार में योगदान देने वाले अन्य प्रमुख कार्यक्रमों में PM-KISAN, PMJJBY, PMSBY, आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) शामिल हैं।
ISSA की स्थापना 1927 में हुई थी और यह 160 से अधिक देशों की सामाजिक सुरक्षा संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है। भारत की यह उपलब्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिखाती है कि डिजिटल बुनियादी ढाँचे और नीतिगत ढाँचे के सहारे विकासशील अर्थव्यवस्था में भी बड़े पैमाने पर सामाजिक सुरक्षा का विस्तार संभव है।
