भारत सरकार ने भारतीय नौवहन निगम (SCI) के पुनरुद्धार की बड़ी योजना घोषित की है। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के संयुक्त उद्यम समुद्री विकास कोष की मदद से 200 से अधिक व्यापारिक जहाज़ खरीदेंगे। यह भारतीय नौवहन निगम के निजीकरण की पिछली योजना से एक बड़ा बदलाव है।

एक प्रमुख कदम भारत शिपिंग लाइन का गठन है। भारतीय नौवहन निगम और भारतीय कंटेनर निगम (CONCOR) का यह संयुक्त उद्यम भारत के कंटेनर बेड़े को फिर से मज़बूत करने के लिए 20 नए कंटेनर जहाज़ खरीदेगा। भारतीय नौवहन निगम दिसंबर 2025 तक इस संयुक्त उद्यम का औपचारिक गठन करने और अगले 5 वर्षों में 59 जहाज़ खरीदने की योजना बना रहा है। इसमें ₹10,000-15,000 करोड़ के निवेश का अनुमान है। इस योजना में कोविड के बाद सामने आई आपूर्ति शृंखला की कमज़ोरियों को ध्यान में रखा गया है। यह महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में सरकारों के रणनीतिक हस्तक्षेप की वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप भी है। 1990 के दशक की उदारीकरण नीतियों के बाद भारत का व्यापारिक बेड़ा तेज़ी से घटा था।