भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने 2025 विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेलों के लिए बड़ा संकेत दिया। यह प्रतियोगिता दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में हुई और फाइनल में भारत ने फ्रांस को 235-233 से हराया। भारतीय टीम में ऋषभ यादव, अमन सैनी और प्रथमेश फुगे शामिल थे। विश्व तीरंदाजी की रिपोर्ट के अनुसार यह विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत का पहला पुरुष कंपाउंड टीम स्वर्ण था।

परीक्षा की दृष्टि से यह खबर सिर्फ एक खेल परिणाम नहीं है। इसमें अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं, खेल का ढांचा, प्रतिभा चयन, सरकारी समर्थन और भारत की वैश्विक खेल उपस्थिति जैसे मुद्दे जुड़ते हैं। प्रीलिम्स में स्थान, आयोजन, टीम, प्रतिद्वंद्वी और स्कोर जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मेंस या इंटरव्यू में इसे भारत में गैर-क्रिकेट खेलों की बढ़ती क्षमता और खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धी तैयारी से जोड़ा जा सकता है।

कंपाउंड तीरंदाजी में टीम इवेंट का स्कोर बहुत छोटे अंतर से बदल सकता है, इसलिए 235-233 की जीत दबाव में भारतीय खिलाड़ियों की स्थिरता दिखाती है। स्टैटिक सामान्य ज्ञान के लिए अभ्यर्थी विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप, विश्व तीरंदाजी संस्था, ग्वांगजू 2025, कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजी के अंतर तथा भारत के प्रमुख तीरंदाजों को साथ में पढ़ सकते हैं। इस लेख की सीमा पुरुष कंपाउंड टीम की इसी स्वर्ण जीत तक है; इसे किसी व्यापक पदक तालिका या असमर्थित ओलंपिक दावे से नहीं जोड़ना चाहिए।