ISRO ने बताया कि नेविगेशन उपग्रह आईआरएनएसएस-1एफ पर लगी परमाणु घड़ी ने 13 मार्च 2026 को काम करना बंद कर दिया। यह अपडेट भारत की क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली नाविक से जुड़ा है, जो सटीक स्थिति-निर्धारण के लिए 7 उपग्रहों के समूह पर निर्भर करती है। परीक्षा में इससे परमाणु घड़ियों की भूमिका, नाविक की विश्वसनीयता और उपग्रह-आधारित स्थिति-निर्धारण जैसे स्थिर तथ्य सीधे जोड़े जा सकते हैं।

उपग्रह नेविगेशन में परमाणु घड़ी सिर्फ एक उपकरण नहीं होती; वही बेहद सटीक समय संकेत देती है, जिनके आधार पर रिसीवर अपनी स्थिति की गणना करता है। इसलिए आईआरएनएसएस-1एफ की घड़ी का बंद होना नाविक की संचालन-क्षमता और विश्वसनीयता पर चर्चा का विषय बनता है। इसी कारण प्रीलिम्स में उपग्रह, परमाणु घड़ी, स्थिति-निर्धारण और नाविक के उपग्रह समूह जैसे सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं। RAS और UPSC जैसे पेपरों में ऐसे अपडेट को स्टैटिक जीके के साथ पढ़ना उपयोगी रहता है, क्योंकि करंट घटना से मूल तकनीकी अवधारणा दोबारा पूछी जा सकती है।

आईआरएनएसएस-1एफ की परमाणु घड़ी 13 मार्च 2026 को बंद हुई, लेकिन उपग्रह कक्षा में बना रहेगा और एकतरफा प्रसारण संदेश सेवाओं के लिए इस्तेमाल होगा। इससे यह भी समझ आता है कि किसी उपग्रह की एक प्रमुख प्रणाली प्रभावित होने पर भी उसके कुछ दूसरे उपयोग जारी रह सकते हैं। स्टैटिक जीके के लिए नाविक, उपग्रह नेविगेशन, परमाणु घड़ियां और भारत की अंतरिक्ष तकनीक इस खबर से जुड़े प्रमुख विषय हैं।