प्रतिष्ठित मलयालम अभिनेता मोहनलाल को 23 सितंबर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिलेगा। यह पुरस्कार भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान है, जिसकी स्थापना 1969 में हुई और इसका नाम भारत की पहली फीचर फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' (1913) के निर्देशक धुंडिराज गोविंद फाल्के के नाम पर रखा गया है। 45 साल के करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके मोहनलाल को पहले सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (1991), पद्म श्री (2001) और पद्म भूषण (2019) मिल चुके हैं।
मोहनलाल को 2023 के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिला
प्रतिष्ठित मलयालम अभिनेता मोहनलाल को 23 सितंबर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिलेगा। यह पुरस्कार भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान है, जिसकी स्थापना 1969 में हुई और इसका नाम भारत की पहली फीचर फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' (1913) के निर्देशक धुंडिराज गोविंद फाल्के के नाम पर है। 45 साल के करियर में 400 से अधिक फिल्मों वाले मोहनलाल को पहले सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (1991), पद्म श्री (2001) और पद्म भूषण (2019) मिल चुके हैं।
मुख्य तथ्य
- मोहनलाल को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिलेगा।
- समारोह 23 सितंबर 2025 को निर्धारित है।
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 1969 में स्थापित भारत का सर्वोच्च फिल्म सम्मान है।
- यह भारत की पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र (1913) के निर्देशक धुंडिराज गोविंद फाल्के के नाम पर है।
- मोहनलाल चार दशकों से अधिक के अनुभव वाले प्रतिष्ठित मलयालम अभिनेता हैं।
- यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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वरिष्ठ मलयालम अभिनेता मोहनलाल को वर्ष 2023 का कौन-सा प्रतिष्ठित पुरस्कार देने की घोषणा की गई?
वरिष्ठ मलयालम अभिनेता मोहनलाल को 23 सितंबर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में 2023 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसे और किस समारोह में मिला?
प्रतिष्ठित मलयालम अभिनेता मोहनलाल को 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में मिला, जो 23 सितंबर 2025 को आयोजित हुआ।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार क्या है और इसकी स्थापना कब हुई?
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारत का सर्वोच्च सिनेमा सम्मान है, जिसकी स्थापना 1969 में हुई। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी फिल्म व्यक्तित्व को भारतीय सिनेमा के विकास में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसके नाम पर है और उनका क्या महत्व है?
यह पुरस्कार धुंडिराज गोविंद फाल्के के नाम पर है, जिन्होंने 1913 में भारत की पहली फीचर फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' का निर्देशन किया था, जिससे उन्हें भारतीय सिनेमा के जनक की उपाधि मिली।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से पहले मोहनलाल को कौन-से राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं?
मोहनलाल को इससे पहले 1991 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 2001 में पद्म श्री और 2019 में पद्म भूषण मिल चुके हैं। उनका करियर चार दशकों से अधिक लंबा है और इसमें 360 से अधिक फिल्में शामिल हैं।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार सहित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जिम्मेदारी किस मंत्रालय के पास है?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और उनसे जुड़े फिल्म महोत्सवों का संचालन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत एनएफडीसी से होता है, क्योंकि फिल्म महोत्सव निदेशालय के कार्य एनएफडीसी में मिला दिए गए हैं।
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