केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटील और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने झुंझुनू में जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 की प्रगति की संयुक्त समीक्षा की। इस समीक्षा बैठक में राज्य के महत्वाकांक्षी जल संरक्षण एवं आपूर्ति अभियान की उपलब्धियाँ और आगे की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
समीक्षा में राजस्थान के लिए 13,000 करोड़ रुपये की जल अवसंरचना परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नल से पेयजल की पहुँच बढ़ाना है। पिछले 18 महीनों में राज्य में 13 लाख नए जल जीवन मिशन (JJM) कनेक्शन दिए गए हैं। राम जलसेतु नामक एक MoU भी चर्चा में रहा, जिसमें पूर्वी राजस्थान के 17 जिले शामिल हैं।
जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 एक समुदाय-आधारित जल संरक्षण पहल है, जो पहले चरण की सफलता पर आधारित है। यह अभियान जोहड़, तालाब और चेक डैम जैसी पारंपरिक राजस्थानी जल संरक्षण विधियों में जन भागीदारी पर जोर देता है। पूर्वी राजस्थान में भूजल की गंभीर कमी के मद्देनजर राम जलसेतु MoU विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह पहल राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के 'हर घर जल' लक्ष्य से जुड़ी है, और राजस्थान सामुदायिक जल शासन में एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।
