प्रकाशित: 11 जनवरी 2026समाचार स्रोतटॉपिक
ISRO का PSLV-C62 मिशन तीसरे चरण की गड़बड़ी के बाद विफल; 16 उपग्रह नष्ट
भारत के पीएसएलवी-सी62 रॉकेट को 12 जनवरी 2026 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। इसमें ईओएस-एन1 (अन्वेषा) पृथ्वी अवलोकन उपग्रह और साथ भेजे गए 15 अन्य उपग्रह थे, लेकिन तीसरे चरण के अंत में गंभीर विसंगति आने से मिशन विफल हो गया। तीसरे चरण के अंत में रोल-रेट विक्षोभ के कारण उड़ान पथ में विचलन आया, जिससे नियंत्रण असंभव हो गया।
यह लगातार दूसरी पीएसएलवी विफलता थी और दोनों बार तीसरा चरण प्रभावित हुआ। सभी 16 उपग्रह नष्ट हो गए। इस विफलता को देखते हुए, पीएसएलवी-सी62 की विसंगति के कारण की समीक्षा करने और सुधारात्मक उपाय सुझाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ समिति गठित की गई है; सुधारात्मक कदमों के बाद पीएसएलवी फिर उड़ान भरेगा।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
PSLV-C62 मिशन की विफलता रॉकेट के किस चरण में विसंगति के कारण हुई?
व्याख्या · सही उत्तर CPSLV-C62 मिशन में PS3, यानी तीसरे चरण, के अंत के पास विसंगति दर्ज की गई थी। इसलिए दिए गए विकल्पों में तीसरा चरण सही उत्तर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 जनवरी 2026 को ISRO का PSLV-C62 मिशन क्यों विफल हुआ और कौन से पेलोड खोए?
**ISRO का PSLV-C62** **12 जनवरी 2026** को **श्रीहरिकोटा (सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र)** से प्रक्षेपित हुआ, लेकिन **तीसरे चरण के अंत में रोल-रेट में आए विक्षोभ** के कारण उड़ान पथ से भटक गया। यह **लगातार दूसरी PSLV विफलता** थी; दोनों बार तीसरा चरण प्रभावित हुआ। सभी **16 उपग्रह** खो गए, जिनमें **DRDO** का **EOS-N1 (अन्वेषा)** और 7 देशों के 15 सह-यात्री उपग्रह शामिल थे।
PSLV-C62 विफलता में खोया EOS-N1 (अन्वेषा) उपग्रह क्या था?
**EOS-N1 (अन्वेषा)** **PSLV-C62 मिशन** (12 जनवरी 2026) का **प्राथमिक पेलोड** था — **DRDO** ने इसे रक्षा और टोही उद्देश्यों के लिए **सामरिक पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह** के रूप में बनाया था। **तीसरे चरण के रोल-रेट विक्षोभ** के कारण यह खो गया। एकमात्र आंशिक सफलता **स्पेन का KID री-एंट्री कैप्सूल** था, जो अलग हुआ और **3 मिनट** तक डेटा प्रसारित करता रहा।
PSLV-C62 विफलता के बाद गठित विफलता विश्लेषण समिति की अध्यक्षता कौन करता है और रिपोर्ट कब देय है?
**ISRO** ने **PSLV-C62 विफलता** (12 जनवरी 2026) की जांच के लिए **पूर्व ISRO अध्यक्ष K. सिवन** की अध्यक्षता में **विफलता विश्लेषण समिति (FAC)** गठित की। FAC को **जून 2026 तक PMO को रिपोर्ट** देनी है। अगली PSLV उड़ान **जून 2026 के अंत** में निर्धारित है। इस विफलता ने PSLV की **50+ वर्ष पुरानी सॉलिड मोटर तकनीक** पर सवाल उठाए।
PSLV-C62 की विफलता में थोड़ी देर तक बचा रहा स्पेन का KID री-एंट्री कैप्सूल क्या था?
**स्पेन का KID री-एंट्री कैप्सूल** **PSLV-C62 विफलता** (12 जनवरी 2026) में **एकमात्र बचा हुआ कैप्सूल** था। तीसरे चरण में गड़बड़ी के बाद KID कैप्सूल **रॉकेट से अलग** हुआ और **लगभग 3 मिनट** तक डेटा प्रसारित किया। यह **EOS-N1 (अन्वेषा)** के साथ भेजे गए **15 सह-यात्री उपग्रहों** में से एक था। **सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र** से प्रक्षेपित यह **लगातार दूसरी PSLV विफलता** थी।
PSLV-C62 विफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य के बारे में क्या सवाल उठाती है?
**PSLV-C62 विफलता** (12 जनवरी 2026) — **लगातार दूसरी PSLV विफलता** — **PSLV रॉकेट के पुराने डिज़ाइन** और **50+ वर्ष पुरानी सॉलिड मोटर तकनीक** पर सवाल उठाती है। **K. सिवन** की अध्यक्षता में **FAC** गठित की गई है, जिसे **जून 2026 तक PMO रिपोर्ट** देनी है। अगली PSLV उड़ान **जून 2026 के अंत** में है। **DRDO का EOS-N1 (अन्वेषा)** और 7 देशों के **15 उपग्रह** खो गए।