24 अक्टूबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार की मांग फिर दोहराई। भारत का मुख्य तर्क है कि सुरक्षा परिषद को 21वीं सदी की वास्तविकताओं को दिखाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा 5 स्थायी सदस्यों वाली संरचना दुनिया के बदलते शक्ति-संतुलन को पूरी तरह नहीं दिखाती। परीक्षा की दृष्टि से यह विषय अंतरराष्ट्रीय संबंध, वैश्विक शासन और भारत की विदेश नीति से सीधे जुड़ता है।

भारत संयुक्त राष्ट्र की स्थापना से ही उसका हिस्सा रहा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मसौदे में योगदान दिया और शांति अभियानों में सैनिक योगदान देने वाले बड़े देशों में शामिल रहा है। इसी आधार पर भारत सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार, विस्तार और स्थायी सीट की मांग को अपनी वैश्विक भूमिका से जोड़ता है। 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक स्थापना हुई थी, इसलिए 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में भी याद रखा जाता है।

स्टैटिक जीके के लिए संयुक्त राष्ट्र की स्थापना, चार्टर, सुरक्षा परिषद की संरचना, स्थायी सदस्य, सुधार की मांग और भारत की शांति अभियानों में भूमिका महत्वपूर्ण बिंदु हैं। मुख्य परीक्षा में यह प्रश्न वैश्विक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की समस्या, बहुपक्षवाद और भारत की दावेदारी के रूप में पूछा जा सकता है। प्रारंभिक परीक्षा में तारीख, वर्षगांठ, भारत की भूमिका और सुरक्षा परिषद सुधार से जुड़े सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं।