जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने 10 सितंबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में 'आदि संस्कृति' — जनजातीय संस्कृति के लिए दुनिया का पहला डिजिटल विश्वविद्यालय — का बीटा संस्करण शुरू किया। जनजातीय मामलों के राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने आदि कर्मयोगी अभियान पर राष्ट्रीय सम्मेलन में इस प्लेटफ़ॉर्म का उद्घाटन किया।

आदि संस्कृति के तीन घटक हैं: आदि विश्वविद्यालय (डिजिटल जनजातीय कला अकादमी) — जनजातीय नृत्य, संगीत, चित्रकला और शिल्प में 45 अनुभवात्मक पाठ्यक्रम; आदि सम्पदा — 5,000+ सांस्कृतिक दस्तावेजों का संरक्षण; और आदि हाट — TRIFED से जनजातीय कारीगरों को खरीदारों से जोड़ना। ओडिशा, गुजरात, तमिलनाडु और केरल सहित राज्यों के 15 जनजातीय अनुसंधान संस्थानों ने सहयोग किया।