भारत के निर्वाचन आयोग ने 24 नवंबर 2025 को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चरण II का दैनिक बुलेटिन जारी किया, जिसमें 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की राष्ट्रव्यापी स्थिति दी गई। PIB दिल्ली द्वारा दोपहर 4:03 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, रिपोर्ट वाले दिन तक राष्ट्रीय स्तर पर कुल गणना प्रपत्र (ईएफ) वितरण 99.07% और डिजिटीकरण 47.35% तक पहुँच गया। राजस्थान ने 27 अक्टूबर 2025 तक 5.46 करोड़ मतदाताओं के आधार पर 5.43 करोड़ प्रपत्रों का वितरण दर्ज किया और 52,222 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) तथा 1,01,333 बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) की मदद से 99.46% वितरण और 72.20% डिजिटीकरण हासिल किया। राजस्थान के आंकड़ों में 193-अंता विधानसभा क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि हाल के उपचुनाव के कारण वहाँ एसआईआर को स्थगित कर दिया गया है। गोवा और लक्षद्वीप ने 100% प्रपत्र वितरण दर्ज किया, जबकि केरल डिजिटीकरण में 23.72% पर पीछे रहा। यह एसआईआर अभियान अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 50.97 करोड़ मतदाताओं को शामिल करते हुए बिहार पायलट के बाद आयोजित सबसे बड़ा मतदाता सूची सत्यापन अभियान है। राजनीतिक दलों से अतिरिक्त बीएलए नियुक्त करने का औपचारिक अनुरोध किया गया है। गणना चरण फोटोयुक्त घर-घर क्षेत्रीय सत्यापन के साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए वैधानिक दिशा-निर्देशों के तहत अनिवार्य है।