लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 23 फरवरी 2026 को 64 देशों के साथ संसदीय मित्रता समूह गठित किए। इनका उद्देश्य अंतर-संसदीय सहयोग, विधायी संवाद और भारत की संसदीय कूटनीति को मजबूत करना है। प्रत्येक समूह में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों से कुल 11 सांसद शामिल हैं। इससे संसदों के बीच संवाद, विधायी क्षेत्र की अच्छी पद्धतियों के आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलता है। दोनों सदनों के सांसदों की भागीदारी इसे भारत की द्विसदनीय संसदीय संरचना से सीधे जोड़ती है।

इन समूहों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका और सभी पड़ोसी देशों सहित प्रमुख वैश्विक साझेदार शामिल हैं। परीक्षा की दृष्टि से यह विषय भारतीय संसद, लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका, विधायी संस्थाओं के बीच सहयोग और विदेश नीति के संसदीय पक्ष से जुड़ता है। RAS/UPSC तथा अन्य राज्य परीक्षाओं में ऐसे अपडेट प्रीलिम्स में तिथि, संख्या और संरचना से जुड़े तथ्यात्मक प्रश्न के रूप में उपयोगी हो सकते हैं। तथ्यात्मक तैयारी में 23 फरवरी 2026, 64 देश, प्रति समूह 11 सांसद और दोनों सदनों की भागीदारी को साथ में याद रखना चाहिए।

स्टैटिक जीके से इसका संबंध संसद की द्विसदनीय संरचना, सांसदों की भूमिका और संसदीय समितियों/समूहों जैसी संस्थागत व्यवस्थाओं से है। यह भी याद रखना चाहिए कि भारत 1949 से अंतर-संसदीय संघ का सदस्य है। इसलिए इस घटना को केवल देशों की संख्या के रूप में नहीं, बल्कि भारत की संसदीय भागीदारी और विधायी संवाद को मजबूत करने वाले कदम के रूप में पढ़ना चाहिए। शासन के संदर्भ में इसे संस्थागत संवाद और संसदीय संपर्क के उदाहरण के रूप में जोड़ा जा सकता है।