नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने 3 नवंबर 2025 को गांधीनगर, गुजरात में 'कृषि की पुनर्कल्पना: फ्रंटियर टेक्नोलॉजी आधारित परिवर्तन का रोडमैप' जारी किया। बीसीजी, गूगल और सीआईआई के सहयोग से तैयार यह रोडमैप भारतीय कृषि में AI, IoT, ड्रोन, डिजिटल ट्विन और जैव-नवाचार को शामिल करने की बात करता है।

इस फ्रेमवर्क में किसानों को तीन श्रेणियों में रखा गया है: आकांक्षी (70-80%), संक्रमणशील (15-20%), और उन्नत (1-2%), और प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग तकनीकी समाधान सुझाए गए हैं। इसमें बिखरी हुई भूमि जोतों और कटाई के बाद होने वाली 18 अरब डॉलर से अधिक की वार्षिक हानि जैसी चुनौतियों पर ध्यान दिया गया है। डिजिटल कृषि मिशन 2.0 प्रस्तावित किया गया।