भारत के सबसे प्रतिष्ठित विज्ञापन पेशेवरों में शामिल पीयूष पांडे को 'भारतीय विज्ञापन का गॉडफादर' कहा जाता था। उनका 23 अक्टूबर 2025 को 70 वर्ष की आयु में निमोनिया से जुड़ी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। ओगिल्वी में वे वैश्विक मुख्य रचनात्मक अधिकारी और भारत के कार्यकारी अध्यक्ष रहे।

पीयूष पांडे ने ओगिल्वी इंडिया में चार दशक से अधिक काम किया और फेविकोल, कैडबरी, एशियन पेंट्स तथा हच (अब वोडाफोन) के चर्चित विज्ञापन अभियान बनाए। उन्हें 2016 में पद्म श्री और 2024 में लंदन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार (LIA) का 'लीजेंड पुरस्कार' मिला। उन्हें अपने भाई प्रसून पांडे के साथ कान्स लायंस का 'लायन ऑफ सेंट मार्क' आजीवन उपलब्धि पुरस्कार भी दिया गया। उनकी बहन अभिनेत्री और गायिका इला अरुण हैं।