प्रकाशित: 12 जनवरी 2026टॉपिक
लोहड़ी 2026 उत्तर भारत में मनाई गई; पंजाब ने जालंधर में 5,100 नवजात बालिकाओं का सम्मान किया
सर्दियों के अंत का प्रतीक फसल उत्सव लोहड़ी 13 जनवरी 2026 को पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में मनाई गई। इस त्योहार में अलाव जलाने, लोक गीत गाने और मुगल काल के पंजाब के लोकनायक दुल्ला भट्टी को याद करने की परंपरा है।
पंजाब की 'ढियां दी लोहड़ी' पहल में जालंधर में 5,100 नवजात बालिकाओं का सम्मान किया गया और लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया गया। राजस्थान में लोहड़ी उत्सव अगले दिन मकर संक्रांति की तैयारियों से जुड़ा रहा; जयपुर, जोधपुर और बीकानेर के बाजारों में तिल-गुड़, रेवड़ी और पारंपरिक मिठाइयों की जमकर बिक्री हुई। पतंग विक्रेताओं ने भी रिकॉर्ड बिक्री की बात कही।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंजाब की 'ढियां दी लोहड़ी' पहल क्या है और लोहड़ी 2026 पर जालंधर में कितनी बालिकाओं का सम्मान किया गया?
पंजाब की **'ढियां दी लोहड़ी'** (बेटियों की लोहड़ी) पहल में **13 जनवरी 2026** को **जालंधर** में **5,100 नवजात बालिकाओं** का सम्मान किया गया। यह पहल **लैंगिक समानता** को बढ़ावा देती है और बालिकाओं के जन्म को उत्सव की तरह मनाती है।
लोहड़ी कब मनाई जाती है और किन राज्यों में यह फसल उत्सव मनाया जाता है?
लोहड़ी हर वर्ष **13 जनवरी** को मनाई जाती है। यह **सर्दियों के अंत** और फसल के मौसम का प्रतीक है। यह त्योहार मुख्यतः **पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान** में मनाया जाता है। इसमें **अलाव** जलाए जाते हैं, **लोक गीत** गाए जाते हैं और **मुगल काल के पंजाब** के पौराणिक नायक **दुल्ला भट्टी** का सम्मान किया जाता है।
दुल्ला भट्टी कौन थे और लोहड़ी समारोह में उनका सम्मान क्यों किया जाता है?
**दुल्ला भट्टी** **मुगल काल के पंजाब** के एक पौराणिक नायक थे, जो अत्याचार के विरुद्ध प्रतिरोध और बालिकाओं को दासता से बचाने के लिए प्रसिद्ध हैं। लोहड़ी पर **'सुंदर मुंडरिये हो'** नामक लोक गीत उनकी वीरता का बखान करते हैं, जो उत्तर भारत की लोहड़ी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
राजस्थान ने लोहड़ी 2026 कैसे मनाई और त्योहार से पहले बाजार में क्या रुझान रहे?
राजस्थान में **13 जनवरी** को लोहड़ी अगले दिन **मकर संक्रांति** की तैयारियों के साथ मनाई गई। **जयपुर, जोधपुर और बीकानेर** के बाजारों में **तिल-गुड़, रेवड़ी और पारंपरिक मिठाइयों** की जमकर बिक्री हुई। राजस्थान भर में पतंग विक्रेताओं ने **रिकॉर्ड बिक्री** की सूचना दी।
लोहड़ी समारोह से कौन सी पारंपरिक वस्तुएं जुड़ी हैं और इस त्योहार का कृषि महत्व क्या है?
लोहड़ी पर **अलाव** में **तिल, रेवड़ी, पॉपकॉर्न और मूंगफली** की आहुति दी जाती है। यह त्योहार **सर्दियों के अंत** और **गन्ने और रबी गेहूं की फसल** पूरी होने का प्रतीक है। राजस्थान में यह **मकर संक्रांति** की तैयारियों के साथ जुड़ता है, और बाजारों में **तिल-गुड़ और रेवड़ी** की जमकर बिक्री होती है।