भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) और SIDBI वेंचर कैपिटल लिमिटेड (SVCL) ने 10 नवंबर 2025 को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये के वेंचर कैपिटल फंड पर अंशदान समझौते पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अक्टूबर 2024 में फंड को मंजूरी दी थी और सेबी ने 31 अक्टूबर 2025 को अंतिम मंजूरी दी। फंड वित्त वर्ष 2025-26 में 150 करोड़ रुपये, अगले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष 250 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2029-30 में 100 करोड़ रुपये लगाएगा। निवेश लक्ष्यों में प्रक्षेपण तकनीक, उपग्रह, पेलोड प्रणालियां, भू-अवलोकन उपकरण और संचार प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का लक्ष्य 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचना है।