राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 और प्रथम जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार प्रदान किए। सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में महाराष्ट्र पहले स्थान पर रहा, जबकि गुजरात दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहे। तेलंगाना ने जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की श्रेणी जीती। राष्ट्रपति ने जल उपलब्धता और जल सुरक्षा के लिए सभी पक्षों के मिलकर काम करने पर जोर दिया, इसलिए यह मुद्दा केवल पुरस्कार सूची नहीं, बल्कि जल शासन और सामुदायिक भागीदारी का संकेत भी है।
प्रारंभिक परीक्षा में विजेता राज्यों, पुरस्कारों के नाम, श्रेणी और राष्ट्रपति के जल-सुरक्षा संदेश से सीधे प्रश्न बन सकते हैं। मुख्य परीक्षा में यही तथ्य जल संरक्षण में समुदाय की भूमिका, स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी और जल सुरक्षा के प्रशासनिक ढांचे से जोड़े जा सकते हैं। राजस्थान के लिए इसका अलग महत्व है, क्योंकि राज्य लगातार जल संकट से जूझता है और वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जोहड़ों के पुनरुद्धार जैसे उपाय लागू कर रहा है। इससे राजस्थान का भूगोल, सिंचाई, सूखा-प्रबंधन और स्टैटिक जीके एक ही नोट में जुड़ते हैं।
राष्ट्रीय जल पुरस्कार जैसे सम्मान सरकार, समाज और स्थानीय स्तर पर किए गए जल संरक्षण प्रयासों को पहचान देते हैं। जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार का केंद्र बिंदु भी यही है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं रह सकता; इसमें नागरिकों, परिवारों और समुदायों की भागीदारी जरूरी है। RAS, UPSC और राजस्थान की अन्य परीक्षाओं में इस तरह की खबरें अक्सर तथ्यात्मक प्रश्न, कथन-आधारित प्रश्न और छोटे मुख्य परीक्षा उत्तर, तीनों रूपों में उपयोगी होती हैं।
