77वें गणतंत्र दिवस का विषय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर केंद्रित था। 7 नवंबर 1875 को पहली बार प्रकाशित वंदे मातरम को बाद में 1882 के उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया और यह स्वतंत्रता आंदोलन का नारा बना। यह गीत पहली बार 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सत्र में रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने पहले दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। यह विषय परेड के सांस्कृतिक प्रदर्शनों और संस्कृति मंत्रालय की विजेता झांकी 'वंदे मातरम — एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार' में दिखाई दिया। उत्सव ने गीत की उपनिवेश-विरोधी भावना को 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत आधुनिक भारत की आकांक्षाओं से जोड़ा।
वंदे मातरम के 150 साल: आनंदमठ से गणतंत्र दिवस के विषय तक राष्ट्रीय गीत की यात्रा
गणतंत्र दिवस का विषय वंदे मातरम के 150 वर्ष (1876-2026) है; इसे बंकिमचंद्र ने रचा था और 1896 में कांग्रेस सत्र में पहली बार गाया गया।
मुख्य तथ्य
- 77वें गणतंत्र दिवस की विषयवस्तु में वंदे मातरम के 150 वर्षों का उत्सव मनाया गया, जिसे Bankim Chandra Chattopadhyay ने 1876 में रचा।
- वंदे मातरम पहली बार 1882 के उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ और 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में Rabindranath Tagore ने पहली बार इसे गाया।
- संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को पहले दो पदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया।
- संस्कृति मंत्रालय की झांकी वंदे मातरम — राष्ट्र की आत्मा की पुकार ने सर्वश्रेष्ठ झांकी पुरस्कार जीता।
- झांकी की विषयवस्तु ने गीत की उपनिवेश-विरोधी भावना को आधुनिक भारत की आत्मनिर्भर भारत संबंधी आकांक्षाओं से जोड़ा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: वंदे मातरम की 1876 में रचना से लेकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम तथा संवैधानिक मान्यता तक ऐतिहासिक यात्रा का वर्णन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1876 में रचित, वंदे मातरम 1882 के उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ और स्वतंत्रता आंदोलन का नारा बना। रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सत्र में गाया। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसके पहले दो छंदों को राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया।
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वंदे मातरम् पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस वर्ष के अधिवेशन में गाया गया?
वंदे मातरम् को रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार 1896 में कलकत्ता में हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया था। बाद में यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक बना और 1950 में संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया। इसलिए दिए गए विकल्पों में 1896 सही है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वंदे मातरम क्या है और 2026 में इसके 150 वर्ष पूरे होने का क्या महत्व था?
**वंदे मातरम** भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसे **बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1876 में** लिखा। 2026 में इसके **150 वर्ष** पूरे हुए और यह 77वें गणतंत्र दिवस का विषय भी था।
वंदे मातरम पहली बार किस उपन्यास में आया?
वंदे मातरम पहली बार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के **1882 के उपन्यास 'आनंदमठ'** में आया।
वंदे मातरम पहली बार किसी राजनीतिक समारोह में कब गाया गया?
वंदे मातरम **1896 के कलकत्ता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन** में पहली बार गाया गया।
वंदे मातरम और जन गण मन में क्या अंतर है?
**जन गण मन** (रवींद्रनाथ टैगोर) भारत का **राष्ट्रगान** है, जबकि **वंदे मातरम** (बंकिम चंद्र) **राष्ट्रीय गीत** है। दोनों को संविधान में समान सम्मान प्राप्त है।
वंदे मातरम की रचना किसने और कब की?
**वंदे मातरम की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1876 में** की थी। यह 1882 में आनंदमठ में प्रकाशित हुआ और स्वतंत्रता आंदोलन का नारा बना।
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