भारत निर्वाचन आयोग ने 4 नवंबर 2025 को 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण शुरू किया। इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, पुदुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप शामिल हैं। इस अभियान में 321 जिलों और 1,843 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के 51 करोड़ मतदाता शामिल हैं।

गणना की अवधि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तय की गई थी। बाद में सभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे पुनरीक्षण के लिए इसे 11 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया। मसौदा मतदाता सूचियाँ 16 दिसंबर को और अंतिम मतदाता सूचियाँ 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होंगी। राजस्थान में 86.03% प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हुआ। उपचुनाव के कारण अंता निर्वाचन क्षेत्र में यह प्रक्रिया टाल दी गई। अनुच्छेद 324 के तहत यह पुनरीक्षण तेज़ शहरीकरण, प्रवासन, नए पात्र मतदाताओं और दर्ज न हुई मौतों के कारण मतदाता सूचियों में होने वाले बदलावों को शामिल करता है।