मुख्य तथ्य

  • अनुपात अ:ब का अर्थ अ/ब है; यह केवल सापेक्ष आकार बताता है, पूर्ण मात्रा नहीं।
  • समानुपात अ:ब::स:द तभी सही है जब अ×द = ब×स हो।
  • प्रत्यक्ष समानुपात में दोनों राशियां साथ बढ़ती या घटती हैं, जबकि व्युत्क्रमानुपात में एक बढ़ने पर दूसरी घटती है।
  • साझेदारी में लाभ का हिस्सा पूंजी और समय के गुणनफल के अनुपात में बांटा जाता है।
  • प्रतिशत का अर्थ प्रति 100 है; भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा किया जाता है।

मुख्य बिंदु

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    अनुपात अ:ब का अर्थ अ/ब है; यह केवल सापेक्ष आकार बताता है, पूर्ण मात्रा नहीं।

  2. 2

    समानुपात अ:ब::स:द तभी सही है जब अ×द = ब×स हो।

  3. 3

    प्रत्यक्ष समानुपात में दोनों राशियां साथ बढ़ती या घटती हैं, जबकि व्युत्क्रमानुपात में एक बढ़ने पर दूसरी घटती है।

  4. 4

    साझेदारी में लाभ का हिस्सा पूंजी और समय के गुणनफल के अनुपात में बांटा जाता है।

  5. 5

    प्रतिशत का अर्थ प्रति 100 है; भिन्न को प्रतिशत में बदलने के लिए 100 से गुणा किया जाता है।

  6. 6

    क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन सीधे नहीं जुड़ते, क्योंकि हर अगला परिवर्तन नए आधार पर लगता है।

  7. 7

    लाभ और हानि प्रतिशत क्रय मूल्य पर, जबकि छूट प्रतिशत अंकित मूल्य पर निकाला जाता है।

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    मिश्रण में सस्ता : महंगा = (महंगा मूल्य − औसत मूल्य) : (औसत मूल्य − सस्ता मूल्य) होता है।

अनुपात का मूल अर्थ क्या है?

अनुपात का मूल अर्थ दो राशियों की ऐसी तुलना है जिसमें उनके सापेक्ष आकार को सरल रूप में दिखाया जाता है। अनुपात दो राशियों की तुलना को छोटा और साफ रूप देता है। अ:ब का अर्थ अ/ब है, इसलिए यह बताता है कि अ और ब किस सापेक्ष आकार में हैं। यह बात वनपाल जैसी वस्तुनिष्ठ परीक्षा में जरूरी है, क्योंकि विकल्पों में अक्सर वास्तविक संख्या बड़ी दिखती है, पर अनुपात वही रहता है। उदाहरण के लिए 3:5 और 9:15 अलग संख्याएं दिखती हैं, लेकिन दोनों 3:5 में सरल होती हैं। इसी कारण अनुपात को पहले सरल रूप में बदलना चाहिए।

जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान की कुल जनसंख्या 68548437 थी, और ऐसे बड़े वास्तविक आँकड़ों को समझने में अनुपात तुलना को सरल बनाता है। अनुपात पूर्ण मात्रा नहीं बताता। यदि किसी जिले, समूह या वर्ग का अनुपात दिया है, तो कुल संख्या जाने बिना अलग-अलग हिस्सों की वास्तविक संख्या नहीं निकाली जा सकती। केवल अनुपात देखकर कुल संख्या नहीं मिलती, जब तक आधार मात्रा न दी हो।

याद रखने की बात: अनुपात तुलना है, कुल मात्रा नहीं।

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