राजस्थान के वन प्रकार और वनस्पति
मुख्य तथ्य
- भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 के अनुसार राजस्थान का वन आवरण 16,548.21 वर्ग किमी है, जो राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 4.84% है।
- रिपोर्ट में अति सघन वन 223.20 वर्ग किमी, मध्यम सघन वन 4,237.41 वर्ग किमी और खुला वन 12,087.60 वर्ग किमी बताया गया है।
- राजस्थान में झाड़ी क्षेत्र अलग से 5,476.75 वर्ग किमी है, इसलिए वन आवरण और झाड़ी क्षेत्र को एक ही आँकड़ा नहीं मानना चाहिए।
- खेजड़ली घटना 1730 और बिश्नोई आचार खेजड़ी, कृष्णसार, चिंकारा और ग्राम-सामान्य भूमि से जुड़े सामुदायिक संरक्षण को समझाते हैं।
मुख्य बिंदु
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भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 के अनुसार राजस्थान का वन आवरण 16,548.21 वर्ग किमी है, जो राज्य के भौगोलिक क्षेत्र का 4.84% है।
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रिपोर्ट में अति सघन वन 223.20 वर्ग किमी, मध्यम सघन वन 4,237.41 वर्ग किमी और खुला वन 12,087.60 वर्ग किमी बताया गया है।
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राजस्थान में झाड़ी क्षेत्र अलग से 5,476.75 वर्ग किमी है, इसलिए वन आवरण और झाड़ी क्षेत्र को एक ही आँकड़ा नहीं मानना चाहिए।
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पश्चिमी जिलों में काँटेदार वनस्पति, घास और झाड़ियाँ प्रमुख हैं, जबकि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी भागों में शुष्क पर्णपाती तथा मिश्रित पर्णपाती वन मिलते हैं।
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सिरोही का माउंट आबू राजस्थान का छोटा किंतु महत्त्वपूर्ण उप-उष्णकटिबंधीय पहाड़ी वन क्षेत्र है।
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खेजड़ी, रोहिड़ा, बेर, केर, फोग, थोर और लाना शुष्क राजस्थान की मुख्य वनस्पति शब्दावली में आते हैं।
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खेजड़ली घटना 1730 और बिश्नोई आचार खेजड़ी, कृष्णसार, चिंकारा और ग्राम-सामान्य भूमि से जुड़े सामुदायिक संरक्षण को समझाते हैं।
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मरु राष्ट्रीय उद्यान, ताल छापर, केवलादेव, सांभर और खींचन दिखाते हैं कि राजस्थान में संरक्षण घने जंगलों के साथ घासभूमि, मरुस्थल और आर्द्रभूमि पर भी निर्भर है।
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राजस्थान के वन आवरण को परीक्षा में कैसे समझना चाहिए?
राजस्थान के वन आवरण को परीक्षा में कम प्रतिशत, अधिक खुला वन और शुष्क क्षेत्रीय अनुकूलन के रूप में समझना चाहिए, क्योंकि राज्य में घने जंगलों से अधिक खुले वन और झाड़ीदार परिदृश्य दिखते हैं। राजस्थान का वन आवरण कम, खुला और शुष्कता-प्रधान है। भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 के अनुसार राज्य का वन आवरण 16,548.21 वर्ग किमी है, यानी भौगोलिक क्षेत्र का 4.84%। इसमें खुला वन सबसे बड़ा वर्ग है, क्योंकि अति सघन वन 223.20 वर्ग किमी, मध्यम सघन वन 4,237.41 वर्ग किमी और खुला वन 12,087.60 वर्ग किमी है। वनपाल और वनरक्षक स्तर की परीक्षा में इन आँकड़ों का मुख्य अर्थ यह है कि राजस्थान को केवल घने वन वाले राज्य की तरह नहीं पढ़ा जा सकता।
झाड़ी क्षेत्र 5,476.75 वर्ग किमी अलग से दिया गया है। इसलिए वन आवरण, वृक्ष आवरण और झाड़ी क्षेत्र को मिलाकर एक ही उत्तर नहीं बनाना चाहिए। राजस्थान में प्राकृतिक वनस्पति अरावली, वर्षा के पूर्व-पश्चिम अंतर, पथरीली ढालों, रेतीले मैदानों और जल उपलब्धता से बनती है। खुले वन, ग्राम-चारागाह, ओरन, घासभूमि, आर्द्रभूमि और झाड़ी क्षेत्र भी पारिस्थितिक दृष्टि से उपयोगी हैं। भारतीय वन सर्वेक्षण की भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 में देश का कुल वन और वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किमी, यानी भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% बताया गया है; इसी राष्ट्रीय पृष्ठभूमि में राजस्थान का 4.84% वन आवरण और भी साफ़ दिखता है।
याद रखें: राजस्थान में वनस्पति का मुख्य संकेत कम वन प्रतिशत, अधिक खुला वन और शुष्क क्षेत्रीय अनुकूलन है। परीक्षा में वन आवरण पढ़ते समय “कितना वन है” के साथ “कैसा वन है” भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है।
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