मुख्य तथ्य

  • नैनो-प्रौद्योगिकी सामान्यतः लगभग 1-100 नैनोमीटर पर काम करती है, जहां सतह और क्वांटम प्रभाव पदार्थ का व्यवहार बदल सकते हैं।
  • भारत का नैनो मिशन मई 2007 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ।
  • 2019 की नैनो-दवा गाइडलाइन नैनो-दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभावकारिता और मंजूरी के बाद निगरानी को समेटती है।
  • 2020 की नैनो-कृषि और खाद्य गाइडलाइन इन उत्पादों के लिए नैनो-विशेष मूल्यांकन की कमी के जवाब में आई।

मुख्य बिंदु

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    नैनो-प्रौद्योगिकी सामान्यतः लगभग 1-100 नैनोमीटर पर काम करती है, जहां सतह और क्वांटम प्रभाव पदार्थ का व्यवहार बदल सकते हैं।

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    भारत का नैनो मिशन मई 2007 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ।

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    भारत नैनो-उत्पादों को मुख्यतः क्षेत्र-विशेष कानून, गाइडलाइन, मानक और उत्पाद-विशेष मंजूरी से नियंत्रित करता है, किसी एक नैनो कानून से नहीं।

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    2019 की नैनो-दवा गाइडलाइन नैनो-दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभावकारिता और मंजूरी के बाद निगरानी को समेटती है।

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    2020 की नैनो-कृषि और खाद्य गाइडलाइन इन उत्पादों के लिए नैनो-विशेष मूल्यांकन की कमी के जवाब में आई।

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    नैनो-उर्वरक इसी नियंत्रण ढांचे से जुड़े हैं; फसल-स्तर प्रभावकारिता और विषाक्तता का प्रमाण अहम है।

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    नैनो-प्रौद्योगिकी के उपयोग चिकित्सा, कृषि, पानी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, वस्त्र और पर्यावरण तक फैले हैं।

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    मुख्य सीमा जोखिम की अनिश्चितता है: संपर्क, विषाक्तता, टिकाऊपन, समूह बनना और जीवन-चक्र निपटान की अलग-अलग जांच चाहिए।

परिभाषा, पैमाना और UPSC संदर्भ

  • नैनो-प्रौद्योगिकी का मतलब है पदार्थ को नैनो पैमाने पर समझना, मापना, बनाना और उपयोग में लाना। यह पैमाना सामान्यतः किसी एक आयाम में लगभग 1 नैनोमीटर से 100 नैनोमीटर तक माना जाता है। इसी छोटे पैमाने पर पदार्थ अपने बड़े रूप से अलग व्यवहार दिखा सकता है, इसलिए UPSC इसे सिर्फ आकार का तथ्य नहीं, बल्कि उपयोगी विज्ञान के रूप में पूछता है।
  • 1 नैनोमीटर 10^-9 मीटर होता है। सोना, चांदी, टाइटेनियम डाइऑक्साइड, सिलिका या कार्बन जैसे पदार्थ जब नैनो-सामग्री के रूप में आते हैं, तो उनका रंग, सतह की क्रियाशीलता, चालकता, गलन-व्यवहार, चुंबकीय प्रतिक्रिया या जैविक संपर्क बदल सकता है, क्योंकि सतह-क्षेत्र और आयतन का अनुपात बहुत बढ़ जाता है।
  • परीक्षा में आम गलती यह है कि नैनो को कोई नया तत्व या रसायन विज्ञान की अलग शाखा मान लिया जाता है। असल में यह भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, चिकित्सा, पदार्थ विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, रक्षा और पर्यावरण अभियांत्रिकी को जोड़ने वाली तकनीकी पद्धति है।
  • नैनो-विज्ञान नैनो पैमाने की घटनाओं को समझता है; नैनो-प्रौद्योगिकी उन समझों से नैनो-सामग्री, उपकरण या प्रणाली बनाती है। नैनो-सामग्री जान-बूझकर बनाई जा सकती है, दहन या घिसाव से अनायास बन सकती है, या प्रकृति में मिल सकती है, पर नियमों में सबसे अधिक ध्यान जान-बूझकर बनाए गए उत्पादों पर रहता है।
  • 1-100 नैनोमीटर की सीमा उपयोगी परिभाषा है, कोई पूर्ण सुरक्षा-सीमा नहीं। कुछ उत्पाद 100 नैनोमीटर से बड़े होकर भी नैनो जैसी सतही बनावट या व्यवहार दिखा सकते हैं; कुछ नैनोकण मिलकर बड़े समूह बना लेते हैं, फिर भी उनके जोखिम का सवाल खत्म नहीं होता।
  • UPSC के लिहाज़ से असली बात यह है कि नैनोकण बेहतर प्रवेश क्यों करते हैं, उत्प्रेरक अधिक कारगर क्यों होते हैं, दवा पहुंचाने का तरीका क्यों बदलता है, नैनो-संवेदक कम मात्रा तक पहचान कैसे कर लेते हैं, और बड़े आकार वाले पदार्थ की विषाक्तता-जानकारी को सीधे नैनो रूप पर क्यों नहीं चिपकाया जा सकता।
  • याद रखने योग्य उदाहरण हैं कार्बन नैनोट्यूब, ग्राफीन, क्वांटम डॉट, लिपोसोम, डेंड्रिमर, चांदी के नैनोकण, टाइटेनियम डाइऑक्साइड नैनोकण, नैनो-मिश्रित सामग्री, नैनो-उर्वरक, नैनो-दवाएं, नैनो-निस्यंदन झिल्ली और नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स घटक।
  • एक पक्की पंक्ति में समझें: नैनो पैमाने पर नियंत्रण से सतह, क्वांटम और इंटरफेस व्यवहार बदलते हैं; इन्हीं बदलावों से उपयोग निकलते हैं, और नियमों में गुणवत्ता, सुरक्षा, प्रभावकारिता तथा पर्यावरणीय संपर्क को अलग-अलग जांचना पड़ता है।
  • UPSC पैमाने की तुलना भी पूछ सकता है: नैनोकण परमाणुओं से बहुत बड़े, पर बैक्टीरिया और मानव कोशिकाओं से बहुत छोटे होते हैं। यही बीच की स्थिति नैनो-प्रौद्योगिकी को अणु-स्तर रसायन, उपकरण अभियांत्रिकी और जैविक संपर्कों से जोड़ती है।

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संभावित प्रश्न

अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।

1MCQनैनो-प्रौद्योगिकी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. नैनो पैमाना सामान्यतः लगभग 1 नैनोमीटर से 100 नैनोमीटर माना जाता है। 2. यदि रासायनिक संरचना समान हो तो नैनो-सामग्री की विषाक्तता हमेशा उसके बड़े रूप जैसी ही होती है। 3. सतह-क्षेत्र और आयतन का अधिक अनुपात उत्प्रेरक गतिविधि बढ़ा सकता है। कौन-से कथन सही हैं?1 अंक · 50 शब्द
  1. Aकेवल 1 और 2
  2. Bकेवल 1 और 3सही
  3. Cकेवल 2 और 3
  4. D1, 2 और 3

व्याख्या

कथन 1 मानक कार्य-सीमा बताता है और कथन 3 मुख्य तंत्र समझाता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि नैनो रूप संपर्क और विषाक्तता बदल सकता है।

~50 शब्द · 1 अंक