रक्षा प्रौद्योगिकी: मिसाइल, DRDO और स्वदेशी प्रणालियां
मुख्य तथ्य
- संवैधानिक आधार अनुच्छेद 246 और संघ सूची की प्रविष्टि 1, 2, 5, 7, 10, 14 और 21 पर टिकता है।
- 11 मार्च 2024 के मिशन दिव्यास्त्र में स्वदेशी अग्नि-5 मिसाइल का एक से अधिक पुनःप्रवेश वाहनों को अलग-अलग लक्ष्य साधने वाली तकनीक के साथ परीक्षण हुआ।
- रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, 2020 पूंजीगत खरीद चलाती है; स्वदेशी सामग्री और सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची घरेलू स्रोतों को बढ़ाती हैं।
मुख्य बिंदु
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रक्षा प्रौद्योगिकी सैन्य क्षमता के लिए लागू विज्ञान है; UPSC गोपनीय विवरण नहीं, तंत्र, एजेंसी, प्लेटफ़ॉर्म और स्थिति पूछता है।
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संवैधानिक आधार अनुच्छेद 246 और संघ सूची की प्रविष्टि 1, 2, 5, 7, 10, 14 और 21 पर टिकता है।
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DRDO रक्षा मंत्रालय की शोध शाखा है; सफल परीक्षण उपयोगकर्ता स्वीकृति, उत्पादन या सेवा में शामिल होने के बराबर नहीं।
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बैलिस्टिक मिसाइल शुरुआती शक्ति और बैलिस्टिक पथ पर चलती है; क्रूज़ मिसाइल उड़ान के अधिकांश समय शक्ति लेती है।
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एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम पृथ्वी, अग्नि, आकाश, नाग और त्रिशूल से जुड़ा है, पर आज उनकी भूमिकाएं अलग हैं।
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11 मार्च 2024 के मिशन दिव्यास्त्र में स्वदेशी अग्नि-5 मिसाइल का एक से अधिक पुनःप्रवेश वाहनों को अलग-अलग लक्ष्य साधने वाली तकनीक के साथ परीक्षण हुआ।
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रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, 2020 पूंजीगत खरीद चलाती है; स्वदेशी सामग्री और सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची घरेलू स्रोतों को बढ़ाती हैं।
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स्कोमेट और विनाशकारी हथियार अधिनियम संवेदनशील दोहरे उपयोग, युद्ध-सामग्री और वाहक तंत्र के निर्यात को नियंत्रित करते हैं; निर्यात अपने-आप नहीं होता।
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हालिया एकीकृत वायु-रक्षा हथियार प्रणाली, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा, आकाश-एनजी, ऊर्ध्वाधर प्रक्षेपण वाली कम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल और रुद्रम परीक्षण नेटवर्क आधारित, परतदार और प्लेटफ़ॉर्म-विशिष्ट क्षमता दिखाते हैं।
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रक्षा प्रौद्योगिकी का दायरा और कानूनी आधार
- मूल अर्थ: रक्षा प्रौद्योगिकी विज्ञान, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, पदार्थ विज्ञान, प्रणोदन, सॉफ्टवेयर, सेंसर और विनिर्माण का सैन्य क्षमता में उपयोग है। प्रीलिम्स में इसमें मिसाइल, वायु-रक्षा प्रणाली, रडार, सोनार, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सुरक्षित संचार, बख्तरबंद प्लेटफ़ॉर्म, नौसैनिक प्रणाली, साइबर साधन और नागरिक उपयोग तक पहुंचने वाली तकनीकें आती हैं।
- यह केवल सुरक्षा विषय नहीं: UPSC अक्सर प्रणाली के काम करने का सिद्धांत पूछता है। मिसाइल वाला सवाल प्रणोदन, मार्गदर्शन, रडार, पुनःप्रवेश की ऊष्मा, लक्ष्य-साधक सेंसर, प्रक्षेपण प्लेटफ़ॉर्म या पेलोड पर टिक सकता है। DRDO वाला सवाल शोध, उपयोगकर्ता परीक्षण, उत्पादन एजेंसी और खरीद प्रक्रिया के रिश्ते पर बन सकता है।
- संवैधानिक जगह: रक्षा संघ का विषय है। अनुच्छेद 53 संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित करता है, जिसका प्रयोग संविधान के अनुसार होता है। अनुच्छेद 73 संघ की कार्यपालिका शक्ति को उन विषयों तक फैलाता है जिन पर संसद कानून बना सकती है। अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची संसद को संघ सूची के विषयों पर कानून बनाने की क्षमता देते हैं।
- संघ सूची की अहम प्रविष्टियां: प्रविष्टि 1 भारत की रक्षा और रक्षा की तैयारी से जुड़ती है; प्रविष्टि 2 नौसेना, थलसेना और वायुसेना से; प्रविष्टि 4 छावनियों से; प्रविष्टि 5 हथियार, आग्नेयास्त्र, गोला-बारूद और विस्फोटक से; प्रविष्टि 7 रक्षा या युद्ध के लिए जरूरी घोषित उद्योगों से; प्रविष्टि 10 विदेश मामलों से; प्रविष्टि 14 संधियों और समझौतों से; और प्रविष्टि 21 समुद्र व वायु में अपराधों से जुड़ती है।
- कानून और नीति ढांचा: रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, 2020 पूंजीगत खरीद का आधार देती है; रक्षा खरीद नियमावली, 2025 राजस्व खरीद से जुड़ती है; उद्योग विकास और विनियमन अधिनियम, 1951 तथा शस्त्र अधिनियम, 1959 लाइसेंसिंग में अहम हैं; विनाशकारी हथियार अधिनियम, 2005 और 2022 संशोधन अप्रसार नियंत्रण को सहारा देते हैं; विदेश व्यापार नीति, 2023 और स्कोमेट सूची संवेदनशील निर्यात नियंत्रित करती है।
- गोपनीयता और जवाबदेही: रक्षा प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, सरकारी खर्च, औद्योगिक नीति और निर्यात नियंत्रण के बीच आती है। संसद अनुदान मंज़ूर करती है और समितियां खर्च देखती हैं, पर डिजाइन की गोपनीय बारीकियां और परिचालन तैनाती सीमित जानकारी में रहती हैं।
- प्रीलिम्स की सीमा: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्य पकड़ें: कार्यक्रम का नाम, वर्ष, एजेंसी, मोटा उद्देश्य, प्लेटफ़ॉर्म, कानूनी आधार और वैज्ञानिक तंत्र। आधिकारिक बयान से बाहर जाकर गोपनीय मारक दूरी, पेलोड या तैनाती सिद्धांत न मानें।
- खरीद से जुड़ा न्यायिक दृष्टिकोण: रक्षा प्रौद्योगिकी की खरीद भी सरकारी अनुबंध है। टाटा सेल्युलर बनाम भारत संघ, 1994 प्रशासनिक कानून का मानक संकेत देता है कि न्यायालय अवैधता, तर्कहीनता और प्रक्रिया की खामी पर निर्णय-प्रक्रिया की समीक्षा करते हैं, पर सामान्यतः प्राधिकरण की तकनीकी या वाणिज्यिक पसंद के स्थान पर अपनी पसंद नहीं रखते।
- राफेल मुकदमे से सावधानी: मनोहर लाल शर्मा बनाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी, 2018, और 2019 में समीक्षा खारिज होने से संवेदनशील रक्षा खरीद में न्यायिक संयम दिखता है, जब न्यायालय को अदालत-निगरानी जांच का आधार नहीं मिलता। इस विषय में इसे केवल खरीद-जवाबदेही संदर्भ की तरह लें, मिसाइल या DRDO तकनीक के मामले की तरह नहीं।
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स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
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1MCQभारतीय रक्षा प्रौद्योगिकी पर निम्न कथनों पर विचार करें: 1. DRDO का सफल विकासात्मक उड़ान परीक्षण सेवा में शामिल होने के समान है। 2. सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का वर्गीकरण प्रक्षेपण बिंदु और लक्ष्य-श्रेणी से होता है। 3. रक्षा मुख्यतः सातवीं अनुसूची की संघ सूची में आती है। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 गलत है क्योंकि परीक्षण, उपयोगकर्ता मूल्यांकन, अनुबंध और सेवा में शामिल होना अलग चरण हैं। कथन 2 और 3 सही हैं।
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