जीवविज्ञान — कोशिका, जीन और आनुवंशिकता
मुख्य तथ्य
- पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 प्रसव-पूर्व जांच को नियंत्रित करता है और लिंग-चयन रोकता है; भारत में आनुवंशिकी नैतिकता का केंद्र है।
- भारत में जीएम फसलों को पर्यावरण में छोड़ने के लिए 1989 के नियमों के तहत आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति मंजूरी अनिवार्य है।
- पुट्टस्वामी, 2017 जीनोमिक डेटा को गोपनीयता का प्रश्न बनाता है क्योंकि डीएनए पहचान, स्वास्थ्य-जोखिम और परिवार की जानकारी खोल सकता है।
- जीनोम इंडिया का 10,000 पूर्ण जीनोम वाला डेटासेट भारतीय संदर्भ-जीनोमिक्स और व्यक्तिगत चिकित्सा अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य बिंदु
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कोशिका की बनावट काम समझाती है: झिल्ली आवागमन नियंत्रित करती है, केंद्रक डीएनए रखता है, राइबोसोम प्रोटीन बनाते हैं, माइटोकॉन्ड्रिया एटीपी बनाते हैं।
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डीएनए सामान्यतः आरएनए और आरएनए प्रोटीन को कूटता है; रेट्रोवायरस में उल्टा प्रतिलेखन महत्वपूर्ण अपवाद है।
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माइटोसिस गुणसूत्र संख्या बनाए रखता है; मीयोसिस उसे आधा करता है और गुणसूत्रीय खंडों का आदान-प्रदान तथा स्वतंत्र वर्गीकरण से विविधता बनाता है।
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मेंडलियन अनुपात कुछ शर्तों पर टिके हैं; सहलग्नता, सहप्रभुत्व, अपूर्ण प्रभुत्व और बहुजनी लक्षण सरल पैटर्न बदल देते हैं।
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पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 प्रसव-पूर्व जांच को नियंत्रित करता है और लिंग-चयन रोकता है; भारत में आनुवंशिकी नैतिकता का केंद्र है।
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भारत में जीएम फसलों को पर्यावरण में छोड़ने के लिए 1989 के नियमों के तहत आनुवंशिक अभियांत्रिकी मूल्यांकन समिति मंजूरी अनिवार्य है।
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पुट्टस्वामी, 2017 जीनोमिक डेटा को गोपनीयता का प्रश्न बनाता है क्योंकि डीएनए पहचान, स्वास्थ्य-जोखिम और परिवार की जानकारी खोल सकता है।
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जीनोम इंडिया का 10,000 पूर्ण जीनोम वाला डेटासेट भारतीय संदर्भ-जीनोमिक्स और व्यक्तिगत चिकित्सा अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है।
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दायरा, मूल परिभाषाएं और कानून-नीति का ढांचा
UPSC प्रीलिम्स में जीवविज्ञान का सवाल अक्सर NCERT के बुनियादी तथ्य का कानून, नैतिकता या हालिया विज्ञान से संबंध बनाकर पूछता है।
- कोशिका विज्ञान: कोशिका जीवन की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है; प्लाज़्मा झिल्ली पदार्थों का आवागमन नियंत्रित करती है, कोशिका द्रव्य में कई क्रियाएं चलती हैं और आनुवंशिक पदार्थ विरासत तथा प्रोटीन निर्माण को दिशा देता है।
- आनुवंशिकी: यह जीन, आनुवंशिकता और विविधता का अध्ययन है। जीन डीएनए का क्रियात्मक भाग है; गुणसूत्र डीएनए और प्रोटीन से बनी संरचना है जिसमें अनेक जीन होते हैं; जीनोम किसी जीव की पूरी आनुवंशिक सामग्री है।
- आनुवंशिकता: माता-पिता से संतानों में लक्षणों का जाना आनुवंशिकता है। स्वतंत्र वर्गीकरण, गुणसूत्रीय खंडों का आदान-प्रदान, उत्परिवर्तन, पुनर्संयोजन और वातावरण के असर से विविधता बनती है।
- भारत में संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 21 इसलिए अहम है क्योंकि शारीरिक स्वायत्तता, सूचित सहमति, प्रजनन संबंधी चुनाव और सूचना-गोपनीयता जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े हैं; न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ, 2017 में गोपनीयता को मूल अधिकार माना गया।
- वैज्ञानिक दृष्टि: अनुच्छेद 51A(h) नागरिकों का मूल कर्तव्य बताता है कि वे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवता, जिज्ञासा और सुधार की भावना विकसित करें। यह सीधे लागू होने वाला अधिकार नहीं है, पर विज्ञान नीति को संवैधानिक संस्कृति से जोड़ने में काम आता है।
- समानता और भेदभाव-विरोध: अनुच्छेद 14 और 15 तब प्रासंगिक होते हैं जब आनुवंशिक जांच, विकलांगता-जोखिम, लिंग-चयन या महंगे उपचार तक पहुंच असमानता पैदा कर सकती है।
- मुख्य कानून और नियम: पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 प्रसव-पूर्व जांच तकनीकों को नियंत्रित करता है और लिंग-चयन पर रोक लगाता है; पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और 1989 के नियम आनुवंशिक रूप से परिवर्तित जीवों को नियंत्रित करते हैं; एआरटी अधिनियम, 2021 सहायक प्रजनन को नियंत्रित करता है; डीपीडीपी अधिनियम, 2023 डिजिटल निजी डेटा पर लागू है।
- न्यायवैज्ञानिक आनुवंशिकी: आपराधिक प्रक्रिया पहचान अधिनियम, 2022 कुछ व्यक्तियों से पहचान-संबंधी माप लेने की अनुमति देता है; बहस जैविक नमूनों, अभिलेख रखने, आनुपातिकता और गोपनीयता पर केंद्रित है।
- आम गलती: जीवविज्ञान केवल प्रयोगशाला का विषय नहीं है। डीएनए पर सवाल केंद्रीय सिद्धांत, गोपनीयता, न्यायवैज्ञानिक डेटाबेस, जीएम फसल मंजूरी या लिंग-चयन रोक से भी जुड़ सकता है।
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स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
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1MCQनिम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. यूकैरियोट में प्रतिलेखन और अनुवादन कोशिका के एक ही भाग में होते हैं। 2. डीएनए प्रतिकृति अर्ध-संरक्षी होती है। 3. आनुवंशिक कोड त्रिक रूप में पढ़ा जाता है। ऊपर दिए गए कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
यूकैरियोट में प्रतिलेखन केंद्रक में और अनुवादन कोशिका द्रव्य में होता है; प्रतिकृति अर्ध-संरक्षी है और कोडॉन त्रिक होते हैं।
~50 शब्द · 1 अंक
