ब्लॉकचेन, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य सीमांत प्रौद्योगिकियां
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 51A(h), अनुच्छेद 21 की निजता और अनुच्छेद 19 की स्वतंत्रताएं सीमांत तकनीक शासन का आधार बनाती हैं।
- राष्ट्रीय क्वांटम मिशन 2023-24 से 2030-31 तक ₹6,003.65 करोड़ परिव्यय के साथ चलता है।
- सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A, 70B और 79 अवरोधन, सर्ट-इन और मध्यस्थों के सुरक्षित आश्रय के लिए अहम हैं।
- डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और डीपीडीपी नियम, 2025 डेटा अधिकार, न्यासी जिम्मेदारी और निजता सुरक्षा तय करते हैं।
मुख्य बिंदु
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अनुच्छेद 51A(h), अनुच्छेद 21 की निजता और अनुच्छेद 19 की स्वतंत्रताएं सीमांत तकनीक शासन का आधार बनाती हैं।
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ब्लॉकचेन छेड़छाड़ पकड़ने वाला वितरित बही-खाता है; यह क्रिप्टोकरेंसी के समान नहीं है।
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निजी क्रिप्टो परिसंपत्तियां वैध मुद्रा नहीं हैं; भारत में आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों पर आयकर और धन शोधन निवारण अनुपालन लागू है।
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डिजिटल रुपया RBI द्वारा जारी केंद्रीय बैंक मुद्रा है, विकेंद्रीकृत निजी टोकन नहीं।
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क्वांटम कंप्यूटिंग क्यूबिट, सुपरपोज़िशन, एंटैंगलमेंट और मापन पर चलती है; तेजी समस्या-विशेष होती है।
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राष्ट्रीय क्वांटम मिशन 2023-24 से 2030-31 तक ₹6,003.65 करोड़ परिव्यय के साथ चलता है।
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सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A, 70B और 79 अवरोधन, सर्ट-इन और मध्यस्थों के सुरक्षित आश्रय के लिए अहम हैं।
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डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और डीपीडीपी नियम, 2025 डेटा अधिकार, न्यासी जिम्मेदारी और निजता सुरक्षा तय करते हैं।
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इंडिया एआई मिशन और राष्ट्रीय अंतर्विषयी साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन सीमांत तकनीक को कंप्यूटिंग क्षमता, स्टार्टअप, कौशल और साइबर-भौतिक प्रणालियों से जोड़ते हैं।
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बुनियादी ढांचा, कानूनी आधार और परीक्षा में अहम बातें
इस विषय में सीमांत प्रौद्योगिकियां किसी एक तकनीकी परिवार तक सीमित नहीं हैं। UPSC अक्सर इनके वैज्ञानिक तरीके को शासन, अधिकारों, विनियमन और राष्ट्रीय मिशनों से जोड़कर पूछता है।
- मूल अर्थ: ब्लॉकचेन एक साझा, क्रम से जुड़ता हुआ डिजिटल बही-खाता है जिसे नेटवर्क के कई भागीदार संभालते हैं; क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम अवस्थाओं, सुपरपोज़िशन और एंटैंगलमेंट पर चलती है; इसी दायरे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर-भौतिक प्रणाली, रोबोटिक्स, ड्रोन, 5जी, उन्नत सामग्री, जैव-प्रौद्योगिकी और डिजिटल सार्वजनिक ढांचा भी आते हैं।
- संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 51A(h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने को मूल कर्तव्य बनाता है; न्यायमूर्ति के. एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ, 2017 के बाद अनुच्छेद 21 में निजता भी शामिल है; अनुच्छेद 19(1)(a) ऑनलाइन अभिव्यक्ति की रक्षा करता है, पर अनुच्छेद 19(2) की सीमाएं लागू रहती हैं; अनुच्छेद 19(1)(g) कारोबार और पेशे की स्वतंत्रता देता है; अनुच्छेद 14 मनमाने तकनीकी विनियमन पर रोक लगाता है।
- संघ की शक्ति: अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची के तहत संसद को दूरसंचार, मुद्रा, बैंकिंग, विनिमय-पत्र/चेक जैसे लिखतों और अवशिष्ट क्षेत्रों पर मजबूत अधिकार मिलता है। सूची I की प्रविष्टि 31, 36, 45, 46 और 97 यहां अक्सर काम आती हैं। अनुच्छेद 248 और प्रविष्टि 97 नए क्षेत्रों पर अवशिष्ट शक्ति का आधार देते हैं।
- अधिकारों का पहलू: जब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म डेटा लेते हैं, सामग्री रोकते हैं, निगरानी के साधन लगाते हैं या क्रिप्टो एक्सचेंज को नियंत्रित करते हैं, तब निजता, अभिव्यक्ति, समानता, उचित प्रक्रिया और अनुपातिकता बार-बार प्रासंगिक हो जाते हैं।
- कानूनी परत: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, डीपीडीपी नियम, 2025, पुराना भारतीय तार अधिनियम ढांचा, दूरसंचार अधिनियम, 2023, धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002, आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों पर आयकर प्रावधान और RBI, SEBI और TRAI के क्षेत्रीय निर्देश मिलकर व्यावहारिक व्यवस्था बनाते हैं।
- वैज्ञानिक भ्रम: ब्लॉकचेन क्रिप्टोकरेंसी नहीं है; क्वांटम कंप्यूटिंग सिर्फ तेज़ कंप्यूटर नहीं है; कृत्रिम बुद्धिमत्ता कोई एक एल्गोरिदम नहीं है; डिजिटल रुपया निजी क्रिप्टो-टोकन नहीं है।
- शासन की कसौटी: किसी नई तकनीक का सरकारी उपयोग तभी सार्थक है जब उससे जांच, सेवाएं पहुंचाना, निजता, मजबूती और लेखापरीक्षा आसान हों। केवल नई दिखने वाली तकनीक अपने आप अच्छी नीति नहीं बन जाती।
- परीक्षा में तरीका: पहले तकनीक की परिभाषा, फिर उसका काम करने का तरीका, फिर उससे जुड़ा अधिनियम या मिशन, और अंत में सीमाएं देखें: विस्तार-क्षमता, ऊर्जा, साइबर सुरक्षा, समझ में आने योग्य निर्णय, पक्षपात, निर्यात नियंत्रण और संस्थागत क्षमता।
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1MCQब्लॉकचेन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. हर ब्लॉकचेन अनिवार्य रूप से खुली और बिना अनुमति वाली होती है। 2. स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऐसे कोड हैं जो तय शर्त पूरी होने पर चलते हैं। 3. ब्लॉकचेन छेड़छाड़ पकड़ने में मदद कर सकता है, लेकिन बाहर से आए डेटा की सत्यता अपने-आप सुनिश्चित नहीं करता। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
व्याख्या
अनुमति-आधारित ब्लॉकचेन भी होती हैं, इसलिए कथन 1 गलत है। कथन 2 और 3 स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट तथा बाहरी डेटा की सीमा को सही बताते हैं।
~50 शब्द · 1 अंक
