वैधानिक और गैर-संवैधानिक निकाय
मुख्य तथ्य
- नीति आयोग वैधानिक नहीं, कार्यपालिका-जनित है; इसे 1 जनवरी 2015 के केंद्रीय मंत्रिमंडल संकल्प से बनाया गया।
- NHRC मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत वैधानिक है; 2019 में पात्रता और कार्यकाल में बड़े बदलाव हुए।
- CIC सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 12 से बनता है; 2019 नियम 3 वर्ष का कार्यकाल बताते हैं।
- CVC 1964 के संकल्प से शुरू हुआ, पर केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 से वैधानिक बना।
- लोकपाल में अध्यक्ष और अधिकतम 8 सदस्य होते हैं; कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य न्यायिक होने चाहिए।
मुख्य बिंदु
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नीति आयोग वैधानिक नहीं, कार्यपालिका-जनित है; इसे 1 जनवरी 2015 के केंद्रीय मंत्रिमंडल संकल्प से बनाया गया।
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NHRC मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत वैधानिक है; 2019 में पात्रता और कार्यकाल में बड़े बदलाव हुए।
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CIC सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 12 से बनता है; 2019 नियम 3 वर्ष का कार्यकाल बताते हैं।
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CVC 1964 के संकल्प से शुरू हुआ, पर केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 से वैधानिक बना।
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लोकपाल में अध्यक्ष और अधिकतम 8 सदस्य होते हैं; कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य न्यायिक होने चाहिए।
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CIC के आदेश और दंड अधिकांश सिफारिशी अधिकार आयोगों की रिपोर्टों से अधिक प्रभावी होते हैं।
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जांच के दौरान दीवानी अदालत जैसी शक्तियां आयोगों को सामान्य अदालत या अंतिम आपराधिक मुकदमा चलाने वाली संस्था नहीं बनातीं।
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स्रोत, नियुक्ति समिति, हटाने से संरक्षण और बाध्यकारी प्रभाव प्रारंभिक परीक्षा की चार मुख्य कसौटियां हैं।
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वैचारिक ढांचा: वैधानिक, संवैधानिक और कार्यपालिका-जनित निकाय
वैधानिक और गैर-संवैधानिक निकायों को संविधान और रोज़मर्रा के मंत्रालयी कामकाज के बीच की संस्थागत परत की तरह पढ़ना चाहिए।
- संवैधानिक निकाय: जिसका जन्म सीधे संविधान से होता है; उसका अस्तित्व, मूल संरचना या स्वतंत्रता अनुच्छेदों में टिके होते हैं। उदाहरण: निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 से, UPSC अनुच्छेद 315-323 से, वित्त आयोग अनुच्छेद 280 से और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक अनुच्छेद 148-151 से।
- वैधानिक निकाय: जिसे संसद या राज्य विधानमंडल के कानून से बनाया जाता है। उसकी शक्तियां, संरचना, नियुक्ति, कार्यकाल और हटाने की प्रक्रिया कानून से आती है, किसी अलग संवैधानिक अनुच्छेद से नहीं। NHRC मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 से, CIC सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 से, CVC केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 से और लोकपाल संस्था लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 से चलती है।
- कार्यपालिका-जनित गैर-वैधानिक निकाय: जिसे कार्यपालिका के संकल्प या आदेश से बनाया जाता है। नीति आयोग सबसे अहम उदाहरण है: 1 जनवरी 2015 के केंद्रीय मंत्रिमंडल संकल्प और कैबिनेट सचिवालय की अधिसूचनाओं से बना, किसी अधिनियम से नहीं।
- इनकी ज़रूरत क्यों पड़ी: आधुनिक शासन में पारदर्शिता, सतर्कता, अधिकारों की रक्षा, नीति-मूल्यांकन, महिला अधिकारों की रक्षा, बाल अधिकार और भ्रष्टाचार-विरोध जैसे कामों के लिए विशेषज्ञ और लगातार काम करने वाली संस्थाएं चाहिए। संसद अकेले सामान्य मंत्रालयों से ये सारे काम नहीं चला सकती।
- संवैधानिक आधार परोक्ष होता है: गैर-संवैधानिक निकाय भी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा कर सकता है। RTI अनुच्छेद 19(1)(a) से जुड़ी पारदर्शिता को काम में लाता है; NHRC अनुच्छेद 21 के जीवन और गरिमा की रक्षा करता है; लोकपाल और CVC विधि के शासन तथा प्रशासनिक ईमानदारी को मज़बूत करते हैं; नीति आयोग सहकारी संघवाद के ज़रिए काम करता है, भले ही उसका नाम संविधान में नहीं है।
- UPSC में फंसाने वाला बिंदु: “गैर-संवैधानिक” का अर्थ “अवैध”, “अस्थायी” या “कम महत्त्वपूर्ण” नहीं है। इसका अर्थ केवल यह है कि निकाय सीधे संविधान से पैदा नहीं हुआ। वैधानिक निकाय बहुत प्रभावी हो सकता है; कार्यपालिका-जनित निकाय राष्ट्रीय नीति पर बड़ा असर डाल सकता है, पर उसे पुनर्गठित करना कानूनी तौर पर आसान होता है।
- दूसरा भ्रम: सलाहकारी शक्ति और बाध्यकारी शक्ति अलग रखें। कई आयोग जांच करते हैं, सिफारिश देते हैं और रिपोर्ट भेजते हैं; वे हमेशा अदालत की तरह प्रवर्तनीय आदेश नहीं देते। CIC के सूचना-आदेश NHRC की सिफारिशों से अधिक प्रभावी होते हैं; CVC की सलाह महत्त्वपूर्ण होती है, पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अक्सर विभागीय प्राधिकारी के पास रहती है।
- सार्वजनिक कानून का नियंत्रण: ये सभी निकाय संवैधानिक सीमाओं, अनुच्छेद 32 और 226 के तहत न्यायिक समीक्षा, वार्षिक रिपोर्टों और बजट से संसदीय नियंत्रण, तथा निष्पक्षता, कारणयुक्त निर्णय और मनमानी-विरोध जैसे प्रशासनिक सिद्धांतों के अधीन रहते हैं।
- परीक्षा में तरीका: पहले निर्माण-स्रोत पहचानें, फिर चार प्रश्न पूछें: नियुक्ति कौन करता है, हटाता कौन है, वास्तविक शक्तियां क्या हैं और निर्णय बाध्यकारी है या केवल सिफारिशी।
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1MCQनीति आयोग के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसे संसद के अधिनियम से बनाया गया। 2. इसकी संचालन परिषद में राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होते हैं। 3. यह अनुच्छेद 280 के तहत कर-वितरण आवंटित करता है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
व्याख्या
नीति आयोग मंत्रिमंडल संकल्प से बना, कानून से नहीं। इसकी संचालन परिषद में मुख्यमंत्री शामिल होते हैं। अनुच्छेद 280 का कर-वितरण वित्त आयोग की व्यवस्था है।
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