राज्य कार्यपालिका — राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 153-167 राज्य कार्यपालिका का मुख्य समूह हैं; अनुच्छेद 174-176, 200-201 और 213 विधायी संबंध जोड़ते हैं।
- अनुच्छेद 163 में सहायता और सलाह सामान्य नियम है, और विवेकाधिकार केवल संविधान से मिली स्थितियों तक सीमित है।
- 91वें संशोधन से जुड़े अनुच्छेद 164(1A) में राज्य मंत्रियों की सीमा विधानसभा संख्या के 15% और न्यूनतम 12 है।
- अनुच्छेद 200 की अनुमति शक्ति 2023 पंजाब, 2025 तमिलनाडु और 2025 सलाहकारी राय के बाद अहम है।
- बी. पी. सिंघल 2010 ने अनुच्छेद 156 के प्रसादपर्यंत कार्यकाल के बावजूद राज्यपाल को मनमाने ढंग से हटाने पर सीमा लगाई।
मुख्य बिंदु
- 1
अनुच्छेद 153-167 राज्य कार्यपालिका का मुख्य समूह हैं; अनुच्छेद 174-176, 200-201 और 213 विधायी संबंध जोड़ते हैं।
- 2
राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख हैं; मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यकारी अधिकार चलाती है।
- 3
अनुच्छेद 163 में सहायता और सलाह सामान्य नियम है, और विवेकाधिकार केवल संविधान से मिली स्थितियों तक सीमित है।
- 4
91वें संशोधन से जुड़े अनुच्छेद 164(1A) में राज्य मंत्रियों की सीमा विधानसभा संख्या के 15% और न्यूनतम 12 है।
- 5
बहुमत विवाद सामान्यतः सदन में बहुमत परीक्षण से सुलझना चाहिए, राजभवन के आकलन से नहीं।
- 6
अनुच्छेद 200 की अनुमति शक्ति 2023 पंजाब, 2025 तमिलनाडु और 2025 सलाहकारी राय के बाद अहम है।
- 7
बी. पी. सिंघल 2010 ने अनुच्छेद 156 के प्रसादपर्यंत कार्यकाल के बावजूद राज्यपाल को मनमाने ढंग से हटाने पर सीमा लगाई।
- 8
पांचवीं और छठी अनुसूची जनजातीय और स्वायत्त क्षेत्र शासन में राज्यपाल की शक्तियों को हर राज्य में समान नहीं रहने देतीं।
आगे पढ़ें
संवैधानिक ढांचा और परीक्षा में पूछने का तरीका
राज्य कार्यपालिका संविधान के भाग VI में बनी राज्य सरकार की कार्यकारी शाखा है। इसे संघ कार्यपालिका की छोटी प्रति समझना गलत है, क्योंकि राज्यपाल का पद संघीय राजनीति और राज्य की जिम्मेदार सरकार, दोनों से जुड़ता है। यही परीक्षा की मूल दिशा है।
- मूल परिभाषा: राज्य कार्यपालिका में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और राज्य का महाधिवक्ता आते हैं। इस विषय में UPSC आम तौर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद पर केंद्रित रहता है।
- अनुच्छेद समूह: अनुच्छेद 153-167 में राज्यपाल, राज्य की कार्यपालिका शक्ति, नियुक्ति, कार्यकाल, योग्यता, पद की शर्तें, शपथ, आकस्मिक स्थितियां, क्षमादान, मंत्रिपरिषद, मंत्रियों की नियुक्ति, महाधिवक्ता, सरकारी कामकाज और मुख्यमंत्री के कर्तव्य दिए गए हैं।
- असली कार्यपालिका का सिद्धांत: अनुच्छेद 154 कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में रखता है, लेकिन अनुच्छेद 163 और 164 के कारण सामान्य शासन मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद चलाती है। राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख हैं; चुनी हुई मंत्रिपरिषद राजनीतिक कार्यपालिका है।
- विधानमंडल से संबंध: अनुच्छेद 168 राज्यपाल को राज्य विधानमंडल का घटक बनाता है, हालांकि वे किसी सदन के सदस्य नहीं होते। इसी वजह से अनुच्छेद 200 में विधेयकों पर अनुमति, अनुच्छेद 174 में सत्र आहूत करना, अनुच्छेद 176 में अभिभाषण और अनुच्छेद 175 में संदेश इसी विषय से जुड़ते हैं।
- संघीय पहलू: यह पद संघ और राज्य के बीच संवैधानिक कड़ी भी है। अनुच्छेद 155 के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति, अनुच्छेद 156 में राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत कार्यकाल, अनुच्छेद 356 की रिपोर्ट और पांचवीं अनुसूची में अनुसूचित क्षेत्रों की रिपोर्ट इस बात को साफ करते हैं।
- UPSC के लिहाज़ से: सवाल अक्सर पाठ और व्यवहार के बीच के फर्क पर आते हैं: किसे कौन नियुक्त करता है, सलाह कब बाध्य करती है, विवेकाधिकार कहां बचता है, प्रसादपर्यंत पद मनमाना है या संवैधानिक, और बहुमत सदन में ही क्यों परखा जाता है।
- सीमा याद रखें: यह विषय संवैधानिक पद और जिम्मेदार सरकार का है, राज्य सेवाओं या जिला प्रशासन का नहीं। राज्यपाल को लोक सेवा आयोग, महाधिवक्ता, निर्वाचन आयोग या मुख्य सचिव से न मिलाएं।
- याद रखने की बात: औपचारिक अधिकार राज्यपाल के नाम से चलते हैं; लोकतांत्रिक जवाबदेही मुख्यमंत्री और मंत्रियों के ज़रिए विधानसभा तक जाती है।
पूरा नोट खोलें
यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।
9 और खंड पूरे नोट में हैं
स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।
1MCQकिसी राज्य के राज्यपाल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है। 2. राज्यपाल उसी राज्य का निवासी होना जरूरी है जिसके लिए नियुक्ति हो। 3. पद ग्रहण करने के बाद राज्यपाल संसद का सदस्य नहीं रह सकता। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या
कथन 1 अनुच्छेद 153 और 7वें संशोधन से सही है। कथन 2 गलत है; उसी राज्य का निवासी होना योग्यता नहीं है। कथन 3 अनुच्छेद 158 से सही है।
~50 शब्द · 1 अंक
