ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संविधान का निर्माण
मुख्य तथ्य
- संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और अनुच्छेद 394 के तहत मुख्य रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई; विभाजन के बाद उसकी संख्या 299 रह गई।
- प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को बनी और डॉ. बी. आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे।
- 1935 अधिनियम ने कई संरचनात्मक उपाय दिए, पर संविधान ने उन्हें जन-संप्रभुता के अनुसार नया अर्थ दिया।
- उद्देश्य प्रस्ताव 13 दिसंबर 1946 को रखा गया और 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया; यही प्रस्तावना की नींव बना।
मुख्य बिंदु
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संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और अनुच्छेद 394 के तहत मुख्य रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
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संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई; विभाजन के बाद उसकी संख्या 299 रह गई।
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प्रारूप समिति 29 अगस्त 1947 को बनी और डॉ. बी. आर. आंबेडकर इसके अध्यक्ष थे।
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1935 अधिनियम ने कई संरचनात्मक उपाय दिए, पर संविधान ने उन्हें जन-संप्रभुता के अनुसार नया अर्थ दिया।
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उद्देश्य प्रस्ताव 13 दिसंबर 1946 को रखा गया और 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया; यही प्रस्तावना की नींव बना।
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लागू होते समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां थीं।
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अनुच्छेद 395 ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935 को निरस्त किया।
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ग्रहण किए गए प्रावधान अनुकूलित थे; भारत ने संवैधानिक सर्वोच्चता अपनाई, ब्रिटिश संसदीय सर्वोच्चता नहीं।
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परीक्षा-दृष्टि और संवैधानिक कालक्रम
- यह विषय क्यों अहम है: UPSC संविधान-निर्माण को अक्सर सही कालक्रम, संस्थाओं की भूमिका और अलग-अलग स्रोतों से आए प्रावधानों के ज़रिए पूछता है। सबसे आम गलती यह है कि संविधान को 1950 में अचानक बना दस्तावेज़ मान लिया जाता है; असल में यह औपनिवेशिक कानूनों, राष्ट्रीय आंदोलन की मांगों, समितियों के काम और संविधान सभा के फैसलों से बना।
- मुख्य कालक्रम पक्का रखें:
- 1773: रेगुलेटिंग एक्ट से ईस्ट इंडिया कंपनी पर ब्रिटिश संसद का नियंत्रण शुरू हुआ और बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बना।
- 1784: पिट्स इंडिया एक्ट ने नियंत्रण बोर्ड और निदेशक मंडल के ज़रिए दोहरा नियंत्रण बनाया।
- 1833: चार्टर एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया और कानून बनाने की शक्ति केंद्रित की।
- 1858: 1857 के विद्रोह के बाद शासन कंपनी से ब्रिटिश क्राउन के हाथ में गया।
- 1861, 1892, 1909, 1919, 1935: परिषदों का विस्तार, पृथक निर्वाचक मंडल, द्वैध शासन, संघीय योजना, प्रांतीय स्वायत्तता जैसे कदम आए।
- 1946: कैबिनेट मिशन योजना ने संविधान सभा का ढांचा दिया।
- 1949: 26 नवंबर को संविधान अपनाया गया।
- 1950: 26 जनवरी को संविधान लागू हुआ।
- संविधान-निर्माण की कहानी दो धाराओं में पढ़ें:
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताती है कि राज्यपाल, द्विसदनवाद, लोक सेवा आयोग, संघीय सूचियां, आपात प्रावधान और लेखा-परीक्षा जैसी संस्थाओं की जड़ें कहां हैं।
- निर्माण प्रक्रिया वैधता समझाती है: अप्रत्यक्ष चुनाव, समितियां, बहसें, मसौदे में बदलाव, अंगीकरण, हस्ताक्षर और लागू होना।
- अंतिम संविधान से जुड़े अनुच्छेद:
- अनुच्छेद 1 भारत को राज्यों का संघ बताता है।
- अनुच्छेद 13 असंगत कानूनों पर संवैधानिक सर्वोच्चता और न्यायिक समीक्षा से जुड़ता है।
- अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचार को अधिकारों की योजना का हिस्सा बनाता है।
- अनुच्छेद 368 संशोधन की प्रक्रिया देता है, जो बाद में आधारभूत ढांचा विवाद का केंद्र बना।
- अनुच्छेद 393-395 संक्षिप्त नाम, लागू होना, प्राधिकृत हिंदी पाठ और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 तथा भारत शासन अधिनियम, 1935 के निरसन से जुड़े हैं।
- UPSC के लिहाज़ से: संविधान-निर्माण को केवल उधार लिए गए प्रावधानों की सूची न मानें। किसी देश से आया प्रावधान भी संविधान सभा की बहस के बाद भारतीय ज़रूरतों के हिसाब से बदला गया।
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1MCQसंविधान सभा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। 2. यह सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार से सीधे चुनी गई थी। 3. विभाजन के बाद इसकी संख्या 299 हो गई। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 और 3 सही हैं। सभा प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुनी गई थी, सभी वयस्कों द्वारा सीधे नहीं।
~50 शब्द · 1 अंक
