विश्व के जलवायु क्षेत्र और प्राकृतिक वनस्पति
मुख्य तथ्य
- जलवायु क्षेत्र ताप, नमी, पवन और ऋतु-चक्र से बनते हैं; वनस्पति उनकी दिखने वाली पारिस्थितिक प्रतिक्रिया है।
- कोपेन वर्गीकरण उपयोगी है, क्योंकि वह मापनीय जलवायु को प्राकृतिक वनस्पति से जोड़ता है; पर स्थानीय उच्चावच और धाराएं उसे बदलती हैं।
- मरुस्थल नमी की कमी से तय होते हैं; हर मरुस्थल गर्म नहीं होता।
- भूमध्यसागरीय जलवायु का अर्थ महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर सूखी गर्मी और वर्षा वाली सर्दी है।
- टैगा, टुंड्रा और हिम-आवरण वृक्ष-वृद्धि, पर्माफ्रॉस्ट और ग्रीष्म पिघलन से अलग होते हैं।
मुख्य बिंदु
- 1
जलवायु क्षेत्र ताप, नमी, पवन और ऋतु-चक्र से बनते हैं; वनस्पति उनकी दिखने वाली पारिस्थितिक प्रतिक्रिया है।
- 2
कोपेन वर्गीकरण उपयोगी है, क्योंकि वह मापनीय जलवायु को प्राकृतिक वनस्पति से जोड़ता है; पर स्थानीय उच्चावच और धाराएं उसे बदलती हैं।
- 3
मरुस्थल नमी की कमी से तय होते हैं; हर मरुस्थल गर्म नहीं होता।
- 4
भूमध्यसागरीय जलवायु का अर्थ महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर सूखी गर्मी और वर्षा वाली सर्दी है।
- 5
टैगा, टुंड्रा और हिम-आवरण वृक्ष-वृद्धि, पर्माफ्रॉस्ट और ग्रीष्म पिघलन से अलग होते हैं।
- 6
अनुच्छेद 48A, अनुच्छेद 51A(g) और अनुच्छेद 21 पर्यावरण संरक्षण को भारतीय संवैधानिक सोच से जोड़ते हैं।
- 7
विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने 2024 को अवलोकन रिकॉर्ड का सबसे गर्म वर्ष बताया, जो 1850-1900 से लगभग 1.55 डिग्री सेल्सियस ऊपर था।
- 8
प्राकृतिक घासभूमि और सवाना पारितंत्र हैं, खाली भूमि नहीं जहाँ अपने-आप पेड़ लगा दिए जाएं।
आगे पढ़ें
अर्थ, आधार और UPSC के लिहाज़ से मानचित्र
- जलवायु क्षेत्र से मतलब पृथ्वी के ऐसे बड़े कटिबंध से है जहाँ तापमान, वर्षा, वायुदाब, पवन और ऋतु-चक्र मिलकर एक पहचानी जाने वाली जलवायु बनाते हैं। यह राजनीतिक सीमा नहीं है; एक ही क्षेत्र कई देशों में फैल सकता है और किनारों पर धीरे-धीरे बदलता है।
- प्राकृतिक वनस्पति वह पौधों का आवरण है जो मुख्य रूप से जलवायु, मृदा, उच्चावच, अपवाह और मानवीय हस्तक्षेप से तय होता है। प्रीलिम्स में इसे बायोम से जोड़कर पढ़ें: जलवायु, प्रमुख वनस्पति और जीवों का व्यापक अनुकूलन।
- मुख्य नियंत्रक हैं अक्षांश, ऊंचाई, समुद्र से दूरी, महासागरीय धारा, दाब पेटियां, ग्रहीय पवन, पर्वतीय अवरोध और भूमि-उपयोग। समान अक्षांश पर भी ठंडी धारा, वर्षा-छाया या पर्वत नमी को बदल दें तो वनस्पति बदल जाती है।
- भारत से जुड़ने वाला संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 21 को उच्चतम न्यायालय ने पर्यावरणीय गुणवत्ता से जोड़ा; अनुच्छेद 48A राज्य को वन और वन्यजीवों की रक्षा का निर्देश देता है; अनुच्छेद 51A(g) नागरिकों का पर्यावरणीय कर्तव्य बताता है; अनुच्छेद 253 अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय वचनों को लागू करने में संसद की मदद करता है।
- मुख्य कानून: भारतीय वन अधिनियम, 1927; वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972; वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980; पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986; जैव विविधता अधिनियम, 2002; राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010। ये जलवायु वर्गीकरण नहीं हैं, पर UPSC इन्हीं से पूछता है कि जलवायु, वनस्पति और संरक्षण नीति कहाँ मिलते हैं।
- न्यायिक आधार: ग्रामीण मुकदमेबाजी और अधिकार केंद्र बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, 1985 ने खनन और पारिस्थितिक सुरक्षा को जोड़ा; एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ, 1987 ने पर्यावरणीय दायित्व की सोच मजबूत की; वेल्लोर नागरिक कल्याण मंच बनाम भारत संघ, 1996 ने टिकाऊ विकास, सावधानी सिद्धांत और प्रदूषक भुगतान सिद्धांत को मान्यता दी; टी.एन. गोदावर्मन तिरुमुलपाद बनाम भारत संघ, 1996 ने वन के अर्थ को व्यावहारिक रूप से विस्तृत किया।
- परीक्षा में तरीका: पहले गर्मी और नमी का ढांचा पहचानें, फिर वनस्पति, मृदा और मानवीय उपयोग निकालें। गर्मियों की वर्षा और सर्दियों के सूखे वाला सवाना, सर्दियों की वर्षा और सूखी गर्मी वाले भूमध्यसागरीय क्षेत्र से अलग है।
- शब्द-सीमा समझें: जलवायु क्षेत्र किसी एक मौसम केंद्र के आंकड़ों से बड़ा होता है, लेकिन पूरे वैश्विक वायुमंडलीय तंत्र जितना व्यापक नहीं होता। यह दशकों के औसत और चरम दशाओं से बनता है, जबकि वनस्पति उस व्यवस्था का पारिस्थितिक परिणाम दिखाती है।
- अनुसूची संबंध: वन तथा वन्य पशु-पक्षियों की रक्षा 42वें संविधान संशोधन, 1976 से समवर्ती सूची में प्रविष्टि 17A और प्रविष्टि 17B के रूप में आए। इसलिए वन से जुड़े प्रश्नों में संघ और राज्य दोनों की भूमिका आ सकती है।
- दायरे की सीमा: विश्व जलवायु क्षेत्रों के लिए कोई अलग संवैधानिक अनुच्छेद नहीं है। इन अनुच्छेदों और कानूनों तभी महत्त्व रखते हैं जब भौगोलिक तथ्य संरक्षण, भूमि-उपयोग, अधिकार या पर्यावरणीय शासन का मुद्दा बनता है।
- क्षेत्रीय उदाहरण की आदत: हर बड़े प्रकार के लिए कम से कम एक बेसिन, एक तट और महाद्वीप के आंतरिक भाग का एक उदाहरण याद रखें। बेसिन वर्षावन और नदी-संबंधित प्रश्नों में मदद करते हैं; तट धारा और पवन का असर दिखाते हैं; आंतरिक भाग महाद्वीपीयता और शुष्कभूमि संक्रमण समझाते हैं।
- संवैधानिक सावधानी: अनुच्छेद 21 की न्यायिक व्याख्या जीवन के हिस्से के रूप में पर्यावरणीय गुणवत्ता की रक्षा करती है, पर वह विश्व जलवायु का वर्गीकरण नहीं करती। शासन वाले हिस्से में संवैधानिक प्रावधान लगाएं, भौतिक भूगोल के तर्क की जगह नहीं।
पूरा नोट खोलें
यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।
9 और खंड पूरे नोट में हैं
स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।
1MCQजलवायु क्षेत्रों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. कोपेन के बड़े बी समूह का आधार मुख्य रूप से नमी की कमी है। 2. ठंडा मरुस्थल ध्रुवीय क्षेत्रों के बाहर नहीं हो सकता। 3. प्राकृतिक वनस्पति मानचित्र वर्तमान भूमि-आवरण मानचित्र से अलग हो सकते हैं। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
बी जलवायु शुष्क जलवायु है, जिसका आधार नमी की कमी है, और प्राकृतिक वनस्पति की जगह खेत या बागान आ सकते हैं। ठंडे मरुस्थल महाद्वीपों के आंतरिक भागों और वर्षा-छाया में भी बनते हैं।
~50 शब्द · 1 अंक
