खबरों में आई अहम भू-भौतिकीय घटनाएं और भौगोलिक स्थलरूप
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48A और अनुच्छेद 51A(g) भारत के पर्यावरणीय जोखिम शासन को आधार देते हैं।
- आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य प्राधिकरण, जिला प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और आपदा योजनाओं का ढांचा ब...
- भारत का लगभग 59% हिस्सा भूकंप-संवेदनशील है; भारतीय मानक ब्यूरो भूकंपीय क्षेत्र 2, 3, 4 और 5 का उपयोग करता है।
- दक्षिण ल्होनक 2023 हिमनद झील बाढ़ का क्रमिक उदाहरण है, जो हिमनदों के पीछे हटने, झील टूटने, जलविद्युत और निचले इलाकों की बाढ़ को जोड़ता है।
- ISRO का 2023 भूस्खलन मानचित्र-संग्रह हिमालय और पश्चिमी घाट के संवेदनशील क्षेत्रों में लगभग 80,000 मानचित्रित भूस्खलन बताता है।
मुख्य बिंदु
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खतरा, एक्सपोज़र और संवेदनशीलता अलग बातें हैं; क्षमता से अधिक बाधा आए तो आपदा बनती है।
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अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48A और अनुच्छेद 51A(g) भारत के पर्यावरणीय जोखिम शासन को आधार देते हैं।
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आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य प्राधिकरण, जिला प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और आपदा योजनाओं का ढांचा बनाता है।
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भारत का लगभग 59% हिस्सा भूकंप-संवेदनशील है; भारतीय मानक ब्यूरो भूकंपीय क्षेत्र 2, 3, 4 और 5 का उपयोग करता है।
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चक्रवात जोखिम समुद्री ऊष्मा, पवन कतरन, तूफानी लहर, ज्वार, तट से टकराने की दिशा और तटीय जोखिम पर निर्भर है।
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दक्षिण ल्होनक 2023 हिमनद झील बाढ़ का क्रमिक उदाहरण है, जो हिमनदों के पीछे हटने, झील टूटने, जलविद्युत और निचले इलाकों की बाढ़ को जोड़ता है।
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ISRO का 2023 भूस्खलन मानचित्र-संग्रह हिमालय और पश्चिमी घाट के संवेदनशील क्षेत्रों में लगभग 80,000 मानचित्रित भूस्खलन बताता है।
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खबरों के भौगोलिक स्थलरूपों को अवस्थिति, प्रक्रिया, आर्थिक उपयोग और रणनीतिक महत्व से दोहराएं।
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दायरा, परिभाषाएं और कानूनी आधार
यह अध्याय आपदाओं की ढीली सूची नहीं है। प्रारंभिक परीक्षा में असली जांच यह होती है कि खबर में आई घटना को भौतिक प्रक्रिया, मानचित्र, जोखिम-प्रबंधन कानून और सामाजिक-आर्थिक असर से जोड़ा जा सकता है या नहीं।
- भू-भौतिकीय घटनाएं: भूकंप, ज्वालामुखीयता, सुनामी, चक्रवात, बाढ़, सूखा, भूस्खलन, हिमस्खलन, हिमनद झील फटने से आई बाढ़, तूफानी लहर, लू और तटीय अपरदन। ये भौतिक प्रक्रियाएं हैं, लेकिन परीक्षा अक्सर पूछती है कि खतरा आपदा कैसे बन गया।
- खबरों में आए भौगोलिक स्थलरूप: जलडमरूमध्य, खाड़ी, महासागरीय गर्त, मध्य-महासागरीय पर्वत-श्रृंखला, द्वीपीय चाप, दर्रे, नदी-घाटी, डेल्टा, तट, प्रवाल भित्ति, मरुस्थल, पर्वत-श्रृंखलाएं, खनिज पट्टियां, राष्ट्रीय उद्यान और शहरी जोखिम वाले स्थान। इन्हें भौगोलिक अवस्थिति, प्लेट विवर्तनिकी, जलवायु, अपवाह तंत्र और आर्थिक उपयोग के साथ पढ़ना होता है।
- मूल फर्क: खतरा संभावित नुकसान पहुंचाने वाली घटना है; एक्सपोज़र उसके असर में आने की स्थिति है; संवेदनशीलता वह कमजोरी है जिससे नुकसान बढ़ता है; आपदा वह गंभीर बाधा है जिसे सामान्य व्यवस्था अकेले नहीं संभाल पाती।
- संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार का आधार देता है, जिससे पर्यावरण और आपदा-जोखिम से जुड़े मुकदमों को बल मिला; अनुच्छेद 48A राज्य को पर्यावरण, वन और वन्यजीव बचाने का निर्देश देता है; अनुच्छेद 51A(g) नागरिकों का पर्यावरणीय कर्तव्य बताता है।
- 7वीं अनुसूची के संकेत: सूची 1 की प्रविष्टि 54 संघ नियंत्रण में खनन और खनिज विकास से, प्रविष्टि 56 अंतर-राज्यीय नदियों से, और प्रविष्टि 57 क्षेत्रीय समुद्र से बाहर मत्स्यन से जुड़ती है। सूची 2 की प्रविष्टि 17 पानी और प्रविष्टि 18 भूमि से जुड़ी है। सूची 3 की प्रविष्टि 17A वन, 17B वन्यजीव और 20 आर्थिक-सामाजिक योजना से जुड़ती है।
- कानूनी आधार: पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 व्यापक पर्यावरणीय अधिसूचनाओं का आधार है; आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 राष्ट्रीय, राज्य और जिला ढांचा बनाता है; बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 जलाशय-जनित बाढ़ जोखिम में अहम है; तटीय विनियमन क्षेत्र अधिसूचना, 2019 संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में विकास को नियंत्रित करती है।
- न्यायिक संदर्भ: एम. सी. मेहता बनाम भारत संघ, 1986 खतरनाक उद्योगों में पूर्ण दायित्व के लिए याद रखा जाता है; वेल्लोर नागरिक कल्याण फोरम बनाम भारत संघ, 1996 ने सावधानी सिद्धांत और प्रदूषक-भुगतान सिद्धांत को भारतीय पर्यावरण कानून का हिस्सा माना; नर्मदा बचाओ आंदोलन बनाम भारत संघ, 2000 बड़े बांधों में विकास और पर्यावरण के संतुलन की समस्या दिखाता है।
- परीक्षा में तरीका: पहले प्रक्रिया पहचानें, फिर मानचित्र, फिर कानून-संस्था, फिर मानव भूगोल। चक्रवात का सवाल एक साथ जलवायु विज्ञान, तटीय नियमन, मत्स्यन और शहरी योजना बन सकता है।
- स्रोत को लेकर सावधानी: खबरों से जुड़े भूगोल में स्थिर भौतिक नियमों और बदलते प्रशासनिक तथ्यों को अलग रखें। प्लेट सीमांत, कोरिऑलिस बल और मोरेन बांध टूटना स्थिर हैं; चक्रवात श्रेणी, चेतावनी स्थिति, निकासी संख्या और परियोजना मंजूरी के लिए तारीख वाला आधिकारिक स्रोत चाहिए।
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स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।
1MCQखतरों और आपदाओं पर निम्न कथनों पर विचार करें: 1. कोई खतरा घटित होते ही अनिवार्य रूप से आपदा बन जाता है। 2. एक्सपोज़र और संवेदनशीलता नुकसान के स्तर को प्रभावित करते हैं। 3. भौतिक खतरा न रोका जा सके तब भी क्षमता जोखिम घटा सकती है। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 गलत है, क्योंकि खतरा आपदा तब बनता है जब एक्सपोज़र, संवेदनशीलता और क्षमता की कमी जुड़ें। कथन 2 और 3 सही हैं।
~50 शब्द · 1 अंक
