नवीकरणीय और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत
मुख्य तथ्य
- विद्युत अधिनियम की धारा 86(1)(e) राज्य-स्तरीय नवीकरणीय खरीद बाध्यता का आधार है।
- भारत का 2022 अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान 2030 तक लगभग 50% स्थापित विद्युत क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों से चाहता है।
- एम. के. रणजीतसिंह, 2024 जलवायु-अधिकार सोच को जैव विविधता-संवेदनशील नवीकरणीय विस्तार से जोड़ता है।
मुख्य बिंदु
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नवीकरणीय ऊर्जा प्राकृतिक रूप से फिर उपलब्ध होती है; गैर-जीवाश्म क्षमता में परमाणु और बड़ा जलविद्युत भी आ सकते हैं।
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विद्युत अधिनियम की धारा 86(1)(e) राज्य-स्तरीय नवीकरणीय खरीद बाध्यता का आधार है।
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भारत का 2022 अद्यतन राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान 2030 तक लगभग 50% स्थापित विद्युत क्षमता गैर-जीवाश्म स्रोतों से चाहता है।
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सौर विस्तार के लिए भंडारण, पारेषण और भूमि-सुरक्षा चाहिए; क्षमता और उत्पादन एक बात नहीं हैं।
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जैव ईंधन तेल-निर्भरता घटाते हैं, पर भोजन, पानी और टिकाऊ स्रोत से जुड़े सवाल उठाते हैं।
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हरित हाइड्रोजन ऊर्जा-वाहक है; वह तभी हरित है जब नवीकरणीय बिजली से बने।
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एम. के. रणजीतसिंह, 2024 जलवायु-अधिकार सोच को जैव विविधता-संवेदनशील नवीकरणीय विस्तार से जोड़ता है।
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नवीकरणीय ऊर्जा प्रमाणपत्र, नवीकरणीय खरीद बाध्यता और कार्बन क्रेडिट जुड़े हुए नीति-साधन हैं, लेकिन एक-दूसरे के बराबर नहीं हैं।
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अवधारणा, वर्गीकरण और प्रीलिम्स मानचित्र
नवीकरणीय ऊर्जा केवल स्रोतों की सूची नहीं है; UPSC में यह नीति, पारिस्थितिकी और तकनीक का साझा विषय है।
- मूल अर्थ: नवीकरणीय ऊर्जा ऐसे प्राकृतिक प्रवाहों से मिलती है जो लगातार फिर से उपलब्ध होते हैं, जैसे सूर्य का प्रकाश, पवन, बहता पानी, जैव पदार्थ, समुद्री गति और भू-तापीय ऊष्मा। यह कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से अलग है, क्योंकि इसका मूल स्रोत मानवीय योजना-अवधि में खत्म नहीं माना जाता।
- गैर-पारंपरिक अर्थ: भारतीय नीति-भाषा में गैर-पारंपरिक ऊर्जा उन स्रोतों के लिए बोली जाती है जो पुराने कोयला-बड़े जलविद्युत-पेट्रोलियम ढांचे से बाहर थे। सौर, पवन, लघु जलविद्युत, बायोमास, अपशिष्ट से ऊर्जा, ज्वारीय, तरंग, समुद्री तापीय, भू-तापीय और नवीकरणीय बिजली से जुड़ा हरित हाइड्रोजन इसी दायरे में आते हैं।
- प्रीलिम्स फर्क: नवीकरणीय का अर्थ अपने-आप शून्य असर नहीं है। सौर पार्कों को भूमि और पारेषण ढांचा चाहिए; पवन टरबाइन पक्षियों और चमगादड़ों को प्रभावित कर सकते हैं; जैव ईंधन की बड़ी मांग भोजन, चारे और पानी से टकरा सकती है; जलविद्युत नदी-पारितंत्र बदलता है।
- बिजली और ऊर्जा: स्थापित क्षमता मेगावाट या गीगावाट में दिखती है; वास्तविक उत्पादन क्षमता-उपयोग, भंडारण और ग्रिड की उपलब्धता पर निर्भर करता है। एथेनॉल, बायोडीज़ल, बायोगैस और हरित हाइड्रोजन व्यापक ऊर्जा बदलाव का हिस्सा हैं, भले वे ग्रिड बिजली न हों।
- भारत का संदर्भ: UPSC इस विषय को जलवायु प्रतिबद्धताओं, ऊर्जा सुरक्षा, आयात-निर्भरता, वायु प्रदूषण, ग्रामीण रोज़गार और विनिर्माण से जोड़ता है। इसलिए पर्यावरणीय लाभ और लागू करने की सीमाएं दोनों याद रखें।
- सामान्य वर्गीकरण: सौर ऊर्जा फोटोवोल्टाइक या तापीय हो सकती है; पवन ऊर्जा स्थल-आधारित या समुद्री हो सकती है; जलविद्युत में बड़ी और लघु परियोजनाएं अलग दिखती हैं; जैव ऊर्जा में बायोमास बिजली, बायोगैस, संपीड़ित बायोगैस, एथेनॉल और बायोडीज़ल आते हैं; समुद्री ऊर्जा में ज्वार, तरंग और समुद्री तापीय रास्ते आते हैं।
- विषय क्यों अहम है: यह पर्यावरण को अर्थव्यवस्था, विज्ञान-तकनीक, भूगोल और समसामयिकी से जोड़ता है। कोई कथन तकनीकी रूप से सही होकर भी नीति-दायरे में गलत हो सकता है, जैसे गैर-जीवाश्म क्षमता को नवीकरणीय क्षमता के बराबर मान लेना।
- परीक्षा नियम: स्रोत, रूपांतरण-प्रक्रिया और पारिस्थितिक असर को साथ पढ़ें। हरित हाइड्रोजन पर सवाल अधूरा है अगर बिजली का स्रोत, पानी की मांग और उपयोग-क्षेत्र न देखे जाएं।
- स्रोत से सेवा तक श्रृंखला: हर स्रोत को 5 चरणों से पढ़ें: संसाधन उपलब्धता, रूपांतरण तकनीक, ग्रिड या ईंधन माल-ढुलाई, अंतिम उपयोग और बचा पर्यावरणीय असर। इससे टरबाइन, पैनल या ईंधन पर संकरा सवाल पूरी ऊर्जा व्यवस्था समझने की गलती नहीं बनता।
- विकेंद्रित भूमिका: मिनी-ग्रिड, छत आधारित प्रणालियां, सौर ड्रायर, सौर शीत भंडारण और बायोगैस संयंत्र इसलिए अहम हैं क्योंकि वे उपयोगकर्ता के पास ऊर्जा सेवाएं पहुंचाते हैं। इनकी सफलता राष्ट्रीय क्षमता-योग से कम और रखरखाव, ऋण, स्थानीय मालिकाना तथा भरोसेमंद सेवा-सहायता से अधिक जुड़ी है।
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1MCQभारत में नवीकरणीय ऊर्जा पर निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. गैर-जीवाश्म स्थापित विद्युत क्षमता में परमाणु ऊर्जा शामिल हो सकती है। 2. नवीकरणीय स्थापित क्षमता और वार्षिक नवीकरणीय उत्पादन समान माप हैं। 3. आधिकारिक क्षमता तालिकाओं में बड़े जलविद्युत को अलग-अलग ढंग से रखा जा सकता है। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 सही है क्योंकि गैर-जीवाश्म नवीकरणीय से व्यापक है। कथन 2 गलत है क्योंकि क्षमता और उत्पादन अलग हैं। कथन 3 सही है; बड़े जलविद्युत का व्यवहार तालिका के लेबल पर निर्भर करता है।
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