मुख्य तथ्य

  • 2022 संशोधन के बाद वन्यजीव अधिनियम में 4 अनुसूचियां हैं, जो 1 अप्रैल 2023 से लागू हैं।
  • अनुसूची 1 और 2 संरक्षित पशुओं के लिए, अनुसूची 3 निर्दिष्ट पौधों के लिए और अनुसूची 4 साइट्स नमूनों के लिए है।
  • धारा 9 अनुसूची 1 और 2 के वन्य पशुओं के शिकार पर रोक लगाती है, धारा 11 और 12 के अधीन।
  • अनुच्छेद 48A, अनुच्छेद 51A(g) और समवर्ती सूची की प्रविष्टि 17B वन्यजीव संरक्षण का संवैधानिक आधार हैं।
  • एम. के. रंजीतसिंह, 2024 ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण को अनुच्छेद 14 और 21 के जलवायु-अधिकार तर्क से जोड़ा।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    आईयूसीएन में संकटग्रस्त श्रेणियां केवल अति संकटग्रस्त, लुप्तप्राय और संवेदनशील प्रजाति हैं।

  2. 2

    लाल सूची वैज्ञानिक जोखिम आकलन है, भारतीय कानून नहीं और अपने-आप व्यापार प्रतिबंध भी नहीं।

  3. 3

    2022 संशोधन के बाद वन्यजीव अधिनियम में 4 अनुसूचियां हैं, जो 1 अप्रैल 2023 से लागू हैं।

  4. 4

    अनुसूची 1 और 2 संरक्षित पशुओं के लिए, अनुसूची 3 निर्दिष्ट पौधों के लिए और अनुसूची 4 साइट्स नमूनों के लिए है।

  5. 5

    धारा 9 अनुसूची 1 और 2 के वन्य पशुओं के शिकार पर रोक लगाती है, धारा 11 और 12 के अधीन।

  6. 6

    अनुच्छेद 48A, अनुच्छेद 51A(g) और समवर्ती सूची की प्रविष्टि 17B वन्यजीव संरक्षण का संवैधानिक आधार हैं।

  7. 7

    आईयूसीएन, साइट्स और वन्यजीव अधिनियम अनुसूचियां अलग सवालों का जवाब देती हैं: जोखिम, व्यापार और घरेलू संरक्षण।

  8. 8

    एम. के. रंजीतसिंह, 2024 ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण को अनुच्छेद 14 और 21 के जलवायु-अधिकार तर्क से जोड़ा।

अवधारणा, संवैधानिक आधार और परीक्षा-दृष्टि

यह विषय दो अलग स्तरों को जोड़ता है: एक वैश्विक वैज्ञानिक जोखिम सूची और भारत का बाध्यकारी कानूनी संरक्षण तंत्र। UPSC अक्सर नाम नहीं, बल्कि इनके बीच का फर्क पूछता है।

  • आईयूसीएन लाल सूची: यह किसी प्रजाति या उप-प्रजाति के विलुप्ति-जोखिम का वैश्विक आकलन है। यह भारतीय कानून नहीं है, अपने-आप शिकार या व्यापार पर रोक नहीं लगाती, और नए प्रमाण मिलने पर बदलती रहती है।
  • संकटग्रस्त श्रेणियां: आईयूसीएन ढांचे में केवल अति संकटग्रस्त, लुप्तप्राय और संवेदनशील प्रजाति को मिलाकर संकटग्रस्त कहा जाता है। संकट के निकट श्रेणी चेतावनी देती है, पर संकटग्रस्त श्रेणी नहीं है।
  • भारतीय कानूनी आधार: वन्यजीव संरक्षण का मुख्य आधार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 है, जिसे संविधान के साथ पढ़ना होता है। अधिनियम के अंग्रेज़ी नाम में “वन्य जीवन” के दो शब्द अलग रखे गए हैं, पर सामान्य लेखन में एक साथ लिखने का चलन भी मिलता है।
  • संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 48A राज्य को पर्यावरण सुधारने तथा वन और वन्यजीव बचाने का निर्देश देता है; अनुच्छेद 51A(g) नागरिकों पर प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और जीवों के प्रति करुणा का कर्तव्य रखता है।
  • विधायी शक्ति: 42वां संशोधन, 1976 वन और वन्य पशु-पक्षियों के संरक्षण को समवर्ती सूची की प्रविष्टि 17A और 17B में लाया। इसलिए संसद और राज्य, दोनों कानून बना सकते हैं।
  • अधिकारों से संबंध: अनुच्छेद 21 की पर्यावरणीय व्याख्या स्वच्छ पर्यावरण, पारिस्थितिक संतुलन और जीवन को जोड़ती है। एम. के. रंजीतसिंह बनाम भारत संघ, 2024 में जलवायु प्रभाव को अनुच्छेद 14 और 21 से जोड़ा गया, साथ ही ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के बीच संतुलन रखा गया।
  • कानूनी फर्क: आईयूसीएन दर्जा नीति, पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम और उदाहरणों में मदद करता है; पर अपराध, अनुमति-पत्र, दंड और व्यापार-नियंत्रण भारतीय अनुसूचियों और नियमों से तय होते हैं।
  • प्रीलिम्स में ध्यान देने योग्य बातें: श्रेणी क्रम, मानदंड ए से ई, मौजूदा 4 अनुसूचियां, धारा 9 में शिकार निषेध, धारा 11-12 के अपवाद, संरक्षित क्षेत्र, साइट्स कड़ी और वे मामले याद रखें जिनमें प्रजाति संरक्षण संवैधानिक तर्क बन जाता है।

पूरा नोट खोलें

यह सार्वजनिक पृष्ठ पहला उपलब्ध खंड दिखाता है। स्टडी पैक पूरा विषय और सभी पुनरावलोकन सामग्री खोलता है।

11 और खंड पूरे नोट में हैं

स्टडी पैक खोलें

संभावित प्रश्न

अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।

1MCQनिम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. आईयूसीएन ढांचे में संकट के निकट श्रेणी संकटग्रस्त श्रेणियों में शामिल है। 2. आंकड़ों की कमी का अर्थ है कि विलुप्ति-जोखिम आंकने के लिए उपलब्ध जानकारी पर्याप्त नहीं है। 3. कम चिंता वाली प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में संरक्षण नहीं मिल सकता। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?1 अंक · 50 शब्द
  1. Aकेवल 2सही
  2. Bकेवल 1 और 2
  3. Cकेवल 2 और 3
  4. D1, 2 और 3

व्याख्या

संकट के संकट के निकट त्रयी में नहीं है; आंकड़ों की कमी जानकारी से जुड़ी श्रेणी है; कम चिंता दर्जे के बावजूद भारतीय कानून संरक्षण दे सकता है।

~50 शब्द · 1 अंक