बैंकिंग तंत्र, अनर्जक परिसंपत्तियां और वित्तीय समावेशन
मुख्य तथ्य
- बैंकिंग संघ सूची की प्रविष्टि 45 के तहत संघ का विषय है; RBI का विनियमन मुख्यतः 1934 और 1949 के कानूनों पर टिका है।
- अनर्जक परिसंपत्ति सामान्यतः 90 दिन से अधिक बकाया ऋण है; सकल और शुद्ध अनुपात अलग वास्तविकताएं दिखाते हैं।
- सरफेसी, ऋण वसूली अधिकरण और IBC वसूली-समाधान के पूरक रास्ते हैं, एक जैसे उपाय नहीं।
- वित्तीय समावेशन का अर्थ बचत, ऋण, बीमा, पेंशन, भुगतान और शिकायत-निवारण तक उपयोगी पहुंच है, केवल खाते नहीं।
- प्राथमिकता क्षेत्र ऋण उन क्षेत्रों तक पैसा पहुंचाने की कोशिश करता है जिन्हें सामान्य बाज़ार अक्सर छोड़ देता है, पर कमजोर ऋण-जांच और भुगतान अनुशासन भवि...
मुख्य बिंदु
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बैंकिंग संघ सूची की प्रविष्टि 45 के तहत संघ का विषय है; RBI का विनियमन मुख्यतः 1934 और 1949 के कानूनों पर टिका है।
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अनर्जक परिसंपत्ति सामान्यतः 90 दिन से अधिक बकाया ऋण है; सकल और शुद्ध अनुपात अलग वास्तविकताएं दिखाते हैं।
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सरफेसी, ऋण वसूली अधिकरण और IBC वसूली-समाधान के पूरक रास्ते हैं, एक जैसे उपाय नहीं।
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वित्तीय समावेशन का अर्थ बचत, ऋण, बीमा, पेंशन, भुगतान और शिकायत-निवारण तक उपयोगी पहुंच है, केवल खाते नहीं।
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प्राथमिकता क्षेत्र ऋण उन क्षेत्रों तक पैसा पहुंचाने की कोशिश करता है जिन्हें सामान्य बाज़ार अक्सर छोड़ देता है, पर कमजोर ऋण-जांच और भुगतान अनुशासन भविष्य का दबाव बना सकते हैं।
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हाल के कम अनर्जक परिसंपत्ति अनुपात सुधार दिखाते हैं, ऋण-चक्र जोखिम के स्थायी अंत का प्रमाण नहीं।
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डिजिटल भुगतान समावेशन में मदद करता है, लेकिन केवल यूपीआई इस्तेमाल किफ़ायती ऋण-पहुंच साबित नहीं करता।
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सार्वजनिक क्षेत्र बैंक शासन अब भी अहम है, क्योंकि सामाजिक दायित्व और व्यावसायिक अनुशासन साथ रखने पड़ते हैं।
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संकल्पना, कानूनी आधार और परीक्षा की सीमा
यह विषय सिर्फ बैंकों के नाम याद करने का नहीं है। बैंकिंग तंत्र वह व्यवस्था है जिससे जमा राशि ऋण में बदलती है, भुगतान चलते हैं, बचत सुरक्षित रहती है और सरकारी योजनाएं लोगों तक पहुंचती हैं।
- मूल परिभाषा: बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 5-बी के अनुसार बैंकिंग में जनता से जमा स्वीकार करना शामिल है, जिसे ऋण या निवेश में लगाया जा सके और जिसे मांग पर या तय शर्तों पर चेक, ड्राफ्ट, आदेश या मान्य तरीके से निकाला जा सके।
- संवैधानिक आधार: सातवीं अनुसूची की संघ सूची में प्रविष्टि 45 बैंकिंग को संघ का विषय बनाती है। प्रविष्टि 46 विनिमय-पत्र, चेक और प्रतिज्ञा-पत्र जैसे साधनों से जुड़ी है। बैंकिंग कंपनियों का गठन और विनियमन प्रविष्टि 43 से भी जुड़ता है।
- कल्याणकारी आधार: वित्तीय समावेशन कोई अलग मूल अधिकार नहीं है, पर यह अनुच्छेद 38 के सामाजिक न्याय, अनुच्छेद 39-बी के संसाधन-वितरण, अनुच्छेद 41 की सार्वजनिक सहायता और अनुच्छेद 43 की आजीविका-सुरक्षा से जुड़ा है।
- नियामकीय आधार: RBI को मुख्य शक्तियां भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 और विवेकपूर्ण मानदंड, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, भुगतान तथा ग्राहक-सुरक्षा संबंधी निर्देशों से मिलती हैं।
- संस्थागत आधार: अनुसूचित बैंक RBI अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में आते हैं। इससे RBI सुविधाओं तक पहुंच, नकद आरक्षित अनुपात, वैधानिक चलनिधि अनुपात और नियमन से जुड़े प्रश्न बनते हैं।
- विकास से रिश्ता: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी ऋण, प्राथमिकता क्षेत्र, स्वयं सहायता समूह, जन-धन खाते, DBT और यूपीआई इसी तंत्र का समावेशन वाला हिस्सा हैं।
- UPSC की सीमा: ढांचा, विनियमन, परिसंपत्ति गुणवत्ता, ऋण प्रवाह और समावेशन-परिणाम पर ध्यान दें। रेपो दर और नकद आरक्षित अनुपात तभी जोड़ें जब उनका असर बैंक के तुलन-पत्र पर दिख रहा हो।
- मुख्य सावधानी: वित्तीय समावेशन केवल खाता खोलना नहीं है। इसमें बचत, ऋण, भुगतान, बीमा, पेंशन, शिकायत-निवारण, डिजिटल पहुंच और खाते का नियमित इस्तेमाल शामिल हैं।
- कानूनी क्रम: संविधान विधायी क्षमता बांटता है; साधारण कानून संस्थाएं और शक्तियां बनाते हैं; RBI के निर्देश विवेकपूर्ण मानदंडों को व्यवहार में लागू करने का तरीका बताते हैं। UPSC अक्सर इन्हीं स्तरों को मिलाकर गलत कथन बनाता है।
- संवैधानिक एकाधिकार नहीं: बैंकिंग संघ सूची में है, इसलिए संसद इस पर कानून बनाती है; इसका अर्थ यह नहीं कि केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंकिंग कर सकते हैं। निजी, विदेशी, सहकारी और अलग तरह के बैंक कानूनी अनुमति के भीतर काम करते हैं।
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1MCQभारत में बैंकिंग विनियमन पर निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. बैंकिंग सातवीं अनुसूची की संघ सूची में है। 2. हर अनुसूचित बैंक अनिवार्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक होता है। 3. बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 बैंकिंग को जनता से जमा स्वीकार कर ऋण या निवेश में लगाने से जोड़ता है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
व्याख्या
संघ सूची की प्रविष्टि 45 बैंकिंग से जुड़ी है और धारा 5-बी जमा-ऋण वाली परिभाषा देती है। अनुसूचित दर्जा सार्वजनिक स्वामित्व नहीं बताता।
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