चर्चा में रहे व्यक्ति और प्रमुख नियुक्तियां
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 53 कार्यपालिका शक्ति का आधार है, पर नियुक्ति प्रश्न में प्रायः अनुच्छेद 74 की सलाह और पद का खास अनुच्छेद या अधिनियम चाहिए।
- अनुच्छेद 324 अब 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम से जुड़कर पढ़ा जाता है; अनूप बरनवाल, 2023 संक्रमण का प्रमुख मामला है।
- न्यायिक नियुक्ति में अनुच्छेद 124, अनुच्छेद 217, 1981, 1993, 1998 के कोलेजियम मामले और 2015 का राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग वाला फैसला साथ पढ़े जात...
मुख्य बिंदु
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नियुक्ति से जुड़ी खबर परीक्षा में तभी अहम बनती है, जब पद, नियुक्ति-प्राधिकारी, कार्यकाल, हटाने की सुरक्षा या संस्था की भूमिका से संवैधानिक पेच बनता हो।
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अनुच्छेद 53 कार्यपालिका शक्ति का आधार है, पर नियुक्ति प्रश्न में प्रायः अनुच्छेद 74 की सलाह और पद का खास अनुच्छेद या अधिनियम चाहिए।
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अनुच्छेद 324 अब 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम से जुड़कर पढ़ा जाता है; अनूप बरनवाल, 2023 संक्रमण का प्रमुख मामला है।
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न्यायिक नियुक्ति में अनुच्छेद 124, अनुच्छेद 217, 1981, 1993, 1998 के कोलेजियम मामले और 2015 का राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग वाला फैसला साथ पढ़े जाते हैं।
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कई बार नियुक्ति से ज्यादा हटाने की प्रक्रिया पूछी जाती है: CAG, मुख्य चुनाव आयुक्त, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, UPSC सदस्य और सूचना-सतर्कता निकाय अलग-अलग हैं।
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ताजा नाम चुनिंदा ढंग से याद रखें: संवैधानिक पद, नियामक, पुरस्कार-विजेता, अंतरराष्ट्रीय संगठन प्रमुख और बड़े वैश्विक पदों पर भारतीय मूल के व्यक्ति।
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अंतरराष्ट्रीय नियुक्तियां व्यक्ति-तथ्य से आगे जाकर संगठन, मतदान-प्रक्रिया, मुख्यालय, कार्यक्षेत्र और भारत की सदस्यता से जुड़ती हैं।
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UPSC नियुक्ति खबर को प्रायः अनुच्छेद, वैधानिक समिति, पात्रता, कार्यकाल और स्वतंत्रता-सुरक्षा पर कथन-प्रश्न में बदलता है।
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UPSC के लिहाज़ से कौन-सी व्यक्ति-खबर अहम है
चर्चा में रहा व्यक्ति कोई मशहूर नामों की सूची नहीं है। प्रीलिम्स में काम की इकाई है: व्यक्ति, उसका पद, वह घटना, संस्था और नियम जिसके कारण वह खबर बना।
- इस विषय की परिभाषा: कोई व्यक्ति तब परीक्षा में अहम बनता है, जब समसामयिकी में उससे संवैधानिक पद, वैधानिक निकाय, नियुक्ति-प्रक्रिया, पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय संगठन, वैज्ञानिक उपलब्धि, न्यायिक पद, रक्षा कमान या सार्वजनिक नीति की भूमिका समझ में आती हो।
- कम वज़न का मतलब बेतरतीब रटना नहीं: UPSC आम तौर पर केवल यह नहीं पूछता कि किसकी नियुक्ति हुई। वह पूछता है कि पद संवैधानिक है या वैधानिक, नियुक्ति कौन करता है, हटाने की प्रक्रिया क्या है, संसद ने कानून बनाया है या नहीं, कार्यकाल कितना है और संस्था किस काम के लिए बनी है।
- मुख्य छंटनी: नाम याद करने से पहले उन्हें वर्गों में रखें: संवैधानिक पदाधिकारी, वैधानिक नियामक, न्यायिक पद, लोक सेवा आयोग, रक्षा या सुरक्षा पद, अंतरराष्ट्रीय संगठन, पुरस्कार और सम्मान, खेल-संस्कृति, विज्ञान-तकनीक, तथा वैश्विक नेतृत्व में भारतीय मूल के व्यक्ति।
- समसामयिकी से जुड़ाव: नया मुख्य चुनाव आयुक्त, RBI गवर्नर, CAG, UPSC अध्यक्ष, NHRC अध्यक्ष, भारत के मुख्य न्यायाधीश या किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था का प्रमुख इसलिए अहम है क्योंकि उस पद से अनुच्छेद, अधिनियम, स्वतंत्रता-सुरक्षा या भारत की वैश्विक भूमिका जुड़ती है।
- पेच कैसे बनता है: नियुक्ति से जुड़े प्रश्न अक्सर इन फर्कों पर आते हैं: राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति बनाम निर्वाचन, प्रसादपर्यंत पद बनाम सुरक्षित कार्यकाल, परामर्श बनाम सिफारिश, संवैधानिक निकाय बनाम वैधानिक निकाय, और चयन समिति बनाम खोज समिति।
- हर नाम न रटें: सामान्य तबादले, राज्य-स्तरीय राजनीतिक पद, दलगत पद और हर पुरस्कार-विजेता कम उपयोगी हैं, जब तक वे किसी प्रथम उपलब्धि, संवैधानिक प्रक्रिया, अंतरराष्ट्रीय पद, राष्ट्रीय सम्मान या सिलेबस में दर्ज निकाय को न खोलते हों।
- प्रीलिम्स तरीका: हर नाम पर 5 खाने बनाएं: पद, आधार, नियुक्ति-प्राधिकारी, कार्यकाल या हटाने की प्रक्रिया, और एक ताजा उदाहरण। अगर इनमें से कोई खाना खाली है, तो खबर अक्सर UPSC के लिए हल्की है।
- तारीख का ध्यान: पदाधिकारी बदलते रहते हैं। परीक्षा की तैयारी में वर्तमान नामों को बदलने वाला तथ्य मानें और परीक्षा के पास आधिकारिक स्रोत से फिर जांचें; स्थिर स्कोर पद की व्यवस्था से आता है।
- भारत और विश्व से कड़ी: सिलेबस की पंक्ति राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व कहती है। इसलिए भारतीय नियुक्तियां और बड़े वैश्विक पदों पर भारतीय मूल के व्यक्ति, दोनों पढ़े जाते हैं; पर अंतरराष्ट्रीय उदाहरण UN, IMF, विश्व बैंक, WTO, WHO, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय और बड़े शिखर सम्मेलनों से संबंध बनाकर ही उपयोगी बनते हैं।
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1MCQभारत के निर्वाचन आयोग के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अनुच्छेद 324 संसद को मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर कानून बनाने की अनुमति देता है। 2. निर्वाचन आयोग पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराता है। 3. अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश के बिना नहीं हटाया जा सकता। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
अनुच्छेद 324 नियुक्तियों पर संसदीय कानून की जगह देता है और अन्य चुनाव आयुक्तों को मुख्य चुनाव आयुक्त सिफारिश की शर्त से सुरक्षा देता है। स्थानीय निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराते हैं।
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