सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम: नए और बदले हुए
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 282 कई संघीय कल्याणकारी हस्तक्षेपों के लिए सार्वजनिक उद्देश्य अनुदान का अहम रास्ता है।
- हाल के अहम विषयों में प्रधानमंत्री जनमन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री सूर्य घर, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 और प्रधानमंत्री धन-धान्य शाम...
- धारा 7 के तहत आधार कल्याणकारी सेवाओं में मदद कर सकता है, पर निजता, अनुपातिकता और बाहर छूटने का जोखिम परीक्षा में अहम हैं।
मुख्य बिंदु
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योजनाएं संवैधानिक प्रेरणा, अधिनियम-आधारित अधिकार या कार्यपालिका-आधारित ढांचे वाली हो सकती हैं; याद करने से पहले वर्गीकरण करें।
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अनुच्छेद 282 कई संघीय कल्याणकारी हस्तक्षेपों के लिए सार्वजनिक उद्देश्य अनुदान का अहम रास्ता है।
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MGNREGA, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और RTE दिशानिर्देश-आधारित योजनाओं से अलग हैं, क्योंकि अधिनियम मजबूत दावा बनाते हैं।
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हाल के अहम विषयों में प्रधानमंत्री जनमन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री सूर्य घर, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 और प्रधानमंत्री धन-धान्य शामिल हैं।
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धारा 7 के तहत आधार कल्याणकारी सेवाओं में मदद कर सकता है, पर निजता, अनुपातिकता और बाहर छूटने का जोखिम परीक्षा में अहम हैं।
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केंद्र प्रायोजित योजनाओं में अक्सर राज्य और स्थानीय क्रियान्वयन चाहिए; केंद्रीय मंत्रालय का नाम संघीय ढांचे को खत्म नहीं करता।
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तत्काल उपलब्धि को परिणाम न मानें: कार्ड, कनेक्शन या स्वीकृति हमेशा सेवा तक वास्तविक पहुंच नहीं दिखाती।
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बजट घोषणाएं मंजूरी, दिशानिर्देश, धन-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी के बाद ही संचालन योग्य बनती हैं।
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अवधारणा, संवैधानिक आधार और प्रीलिम्स ढांचा
सरकारी योजनाएं केवल घोषणाएं नहीं होतीं। प्रीलिम्स में इन्हें नीति के ऐसे औजार के रूप में पढ़ना चाहिए जिनसे सरकार संवैधानिक लक्ष्यों, बजटीय मंजूरी और प्रशासनिक क्षमता को जमीन पर लागू करती है।
- अर्थ: योजना में सामान्यतः पात्रता, लाभ, वित्तीय हिस्सेदारी, क्रियान्वयन एजेंसी, निगरानी तंत्र और अपेक्षित परिणाम तय होते हैं। सरकारी कार्यक्रम अक्सर बड़ा ढांचा होता है, जिसके भीतर कई योजनाएं, मिशन या उप-घटक हो सकते हैं।
- कार्यपालिका का आधार: अनुच्छेद 73 संघ की कार्यपालिका शक्ति को उन विषयों से जोड़ता है जिन पर संसद कानून बना सकती है। अनुच्छेद 162 राज्यों के लिए समान भूमिका निभाता है। राम जवाया कपूर बनाम पंजाब राज्य, 1955, में उच्चतम न्यायालय ने माना कि कार्यपालिका संविधान की सीमा में रहकर, कानूनी अधिकारों का अतिक्रमण किए बिना और खर्च के मामले में विधायिका के नियंत्रण के अधीन नीति लागू कर सकती है।
- विधायी क्षेत्र: अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची तय करते हैं कि विषय संघ, राज्य या समवर्ती क्षेत्र में आता है। स्वास्थ्य, कृषि, जल, श्रम, शिक्षा, ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषय कई बार राज्य सूची और समवर्ती सूची से जुड़े होते हैं, इसलिए केंद्र प्रायोजित योजनाएं आम तौर पर आदेश से नहीं, बल्कि सहयोग, वित्तीय सहायता और शर्तों से चलती हैं।
- बजटीय अधिकार: अनुच्छेद 112 वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुच्छेद 113 अनुदान मांग, अनुच्छेद 114 विनियोग अधिनियम, अनुच्छेद 115 अनुपूरक अनुदान, अनुच्छेद 266 संचित निधि और अनुच्छेद 282 किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अनुदान से जुड़ा है। कल्याणकारी योजनाओं में अनुच्छेद 282 UPSC के लिए अहम बिंदु है।
- नीति-निदेशक तत्वों से संबंध: अनुच्छेद 38, 39, 39A, 41, 42, 43, 45, 47 और 48A कल्याण, पोषण, स्वास्थ्य, आजीविका, शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक न्याय योजनाओं का नीतिगत आधार बनाते हैं। अनुच्छेद 37 के कारण इन्हें सीधे अदालत में लागू नहीं कराया जा सकता, पर अदालतें अधिकारों की व्याख्या में इन्हें ध्यान में रखती हैं।
- अधिकारों से संबंध: अनुच्छेद 14 मनमाने लाभार्थी वर्गीकरण को रोकता है। अनुच्छेद 15(3), 15(4), 15(5) और 15(6) महिलाओं, बच्चों, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए लक्षित उपायों की जगह बनाते हैं। अनुच्छेद 21 स्वास्थ्य, भोजन, आश्रय और गरिमा से जुड़े न्यायिक विकास का आधार है। अनुच्छेद 21A प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत कानूनी आधार देता है।
- स्थानीय निकायों की भूमिका: ग्यारहवीं और बारहवीं अनुसूची इसलिए अहम हैं, क्योंकि पानी, स्वच्छता, आवास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क और शहरी सेवाएं कई बार पंचायतों, नगर निकायों, जिला मिशनों और सामुदायिक संस्थाओं से लागू होती हैं।
- प्रीलिम्स में सावधानी: कोई योजना संवैधानिक प्रेरणा वाली, कानूनी अधिकार वाली या केवल कार्यपालिका-आधारित हो सकती है। हर कल्याणकारी योजना को अधिनियम-आधारित न मानें और हर केंद्रीय योजना को राज्य-क्षेत्र पर सीधा आदेश भी न समझें।
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1MCQभारत में सरकारी योजनाओं पर निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अनुच्छेद 282 संघ को किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अनुदान देने की अनुमति देता है, भले विषय संघ सूची से बाहर हो। 2. हर केंद्र प्रायोजित योजना पूरी तरह संघ सरकार से वित्तपोषित और सीधे उसी से लागू होती है। 3. अधिनियम-आधारित अधिकार योजना, केवल कार्यपालिका-आधारित योजना की तुलना में मजबूत कानूनी दावा देती है। ऊपर दिए गए कथनों में कौन-से सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 सही है: अनुच्छेद 282 सार्वजनिक उद्देश्य के अनुदान का रास्ता देता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं में सामान्यतः राज्य क्रियान्वयन और लागत हिस्सेदारी होती है। कथन 3 सही है, क्योंकि अधिनियम प्रवर्तनीय दावा, शिकायत मार्ग या क्षतिपूर्ति नियम बना सकता है।
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