पर्यावरण और पारिस्थितिकी से जुड़े समसामयिक घटनाक्रम
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48ए और अनुच्छेद 51ए(जी) पर्यावरण का मुख्य संवैधानिक आधार बनाते हैं।
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धाराएं 3, 5 और 6 केंद्र को व्यापक नियम और निर्देश शक्तियां देती हैं।
- NGT अधिनियम, 2010 की धारा 20 के तहत सतत विकास, एहतियाती सिद्धांत और प्रदूषक-भुगतान सिद्धांत लागू होते हैं।
- गोदावर्मन, 1996 वन के व्यापक अर्थ और 2023 वन संशोधन बहस का मुख्य आधार बना रहता है।
- भारत की आईएसएफआर 2023 रिपोर्ट वन और वृक्ष आवरण को भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% बताती है।
मुख्य बिंदु
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पर्यावरण समाचार कानून, संस्थाओं, आंकड़ों और संधि-तंत्र से पूछे जाते हैं, केवल शीर्षक याद करने से नहीं।
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अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48ए और अनुच्छेद 51ए(जी) पर्यावरण का मुख्य संवैधानिक आधार बनाते हैं।
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पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धाराएं 3, 5 और 6 केंद्र को व्यापक नियम और निर्देश शक्तियां देती हैं।
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NGT अधिनियम, 2010 की धारा 20 के तहत सतत विकास, एहतियाती सिद्धांत और प्रदूषक-भुगतान सिद्धांत लागू होते हैं।
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गोदावर्मन, 1996 वन के व्यापक अर्थ और 2023 वन संशोधन बहस का मुख्य आधार बना रहता है।
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भारत की आईएसएफआर 2023 रिपोर्ट वन और वृक्ष आवरण को भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% बताती है।
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भारत का 2022 में अपडेटेड एनडीसी 2030 तक 45% उत्सर्जन-तीव्रता कटौती और लगभग 50% गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता का लक्ष्य रखता है।
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जैव विविधता समाचार सीबीडी, साइट्स, वन्यजीव संरक्षण अनुसूचियों, जैव विविधता अधिनियम और स्थानीय संरक्षण अधिकारों से जुड़ता है।
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कठिन सवाल शमन, अनुकूलन, हानि और क्षति, मंजूरी प्रक्रिया और मंजूरी के बाद अनुपालन की तुलना कराते हैं।
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दायरा, परिभाषाएं और परीक्षा का ढांचा
UPSC प्रीलिम्स में पर्यावरण समसामयिकी अलग से समाचारों की सूची नहीं है। यह पर्यावरण कानून, पारिस्थितिकी, अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता, जैव विविधता शासन और सरकारी आंकड़ों का बदलता हुआ हिस्सा है।
- मूल अर्थ: पर्यावरण में वायु, जल, भूमि, मनुष्य, अन्य जीव और इनके आपसी संबंध आते हैं। पारिस्थितिकी जीवों के बीच और जीवों तथा उनके भौतिक परिवेश के बीच संबंधों का अध्ययन करती है; समसामयिकी में यही अवधारणाएं कानून, रिपोर्ट और विवादों में पूछी जाती हैं।
- समाचार छांटने का तरीका: कोई खबर परीक्षा में तभी अहम बनती है जब वह कानूनी सीमा बदलती है, नया निकाय बनाती है, लक्ष्य में बदलाव करती है, आधिकारिक आंकड़ा देती है, पर्यावरण सिद्धांत की व्याख्या करती है या भारत को किसी संधि-प्रक्रिया से जोड़ती है।
- संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 21 को स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जोड़ा गया है; अनुच्छेद 48ए राज्य से पर्यावरण की रक्षा और सुधार तथा वन और वन्यजीवों की सुरक्षा की अपेक्षा करता है; अनुच्छेद 51ए(जी) नागरिकों का कर्तव्य बताता है कि वे प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करें।
- नीति-निदेशक तत्व और कर्तव्य: अनुच्छेद 48ए और अनुच्छेद 51ए(जी) 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 से जोड़े गए। UPSC यहां सूक्ष्म अंतर पूछता है: एक राज्य के लिए नीति-निर्देश है, दूसरा नागरिकों का मूल कर्तव्य है।
- संघीय ढांचा: 42वें संशोधन के बाद वन तथा जंगली पशुओं और पक्षियों का संरक्षण समवर्ती सूची में है। जल, भूमि और लोक स्वास्थ्य राज्यों से गहराई से जुड़े रहते हैं, पर अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण प्रतिबद्धताएं और राष्ट्रीय मानक केंद्र की भूमिका मजबूत करते हैं।
- प्रीलिम्स का ढर्रा: सवाल अक्सर ताजा घटना को स्थायी आधार से जोड़ते हैं: कॉप निर्णय को पेरिस समझौते से, वन संशोधन को गोदावर्मन मामले से, चर्चा में रही प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अनुसूचियों से, या किसी सूचकांक को उसके जारी करने वाले निकाय से।
- पढ़ने की सुरक्षित आदत: पहले स्रोत पहचानें। आधिकारिक रिपोर्ट, अधिनियम, नियम, उच्चतम न्यायालय के आदेश और संधि-पाठ खबरों से ज्यादा भरोसेमंद हैं। अगर रिपोर्ट 'वन और वृक्ष आवरण' कहती है, तो उसे घने प्राकृतिक वन के बराबर न मानें।
- जुड़े हुए क्षेत्र: पर्यावरण समाचार अर्थव्यवस्था में हरित वित्त और कार्बन बाज़ार से, भूगोल में मानसून और आपदा से, विज्ञान-तकनीक में बैटरी और उपग्रह से, राजव्यवस्था में अधिकरण और संघवाद से, तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जलवायु वित्त वार्ता से जुड़ता है।
- परीक्षा के लिहाज़ से निष्कर्ष: नारे कम, संस्थागत ढांचा ज्यादा याद रखें: कौन अधिसूचना जारी करता है, कौन मूल्यांकन करता है, कौन निगरानी करता है, अपील कहां जाती है, समय-सीमा क्या है, और दावा कानून है, नीति है, लक्ष्य है, रिपोर्ट निष्कर्ष है या न्यायिक टिप्पणी।
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स्टडी पैक खोलेंसंभावितसंभावित प्रश्न
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1MCQभारत में पर्यावरण संरक्षण के संवैधानिक आधार पर निम्न कथनों पर विचार करें: 1. अनुच्छेद 48ए राज्य को पर्यावरण की रक्षा और सुधार का निर्देश देता है। 2. अनुच्छेद 51ए(जी) नागरिकों का मूल कर्तव्य है। 3. अनुच्छेद 48ए और अनुच्छेद 51ए(जी) 44वें संशोधन से जोड़े गए। कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 और 2 सही हैं। दोनों प्रावधान 42वें संशोधन, 1976 से जोड़े गए, 44वें संशोधन से नहीं।
~50 शब्द · 1 अंक
