मुख्य तथ्य

  • निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 का निकाय है; 2023 के नियुक्ति कानून ने अनूप बरनवाल के बाद चयन समिति बदली।
  • GST परिषद अनुच्छेद 279A के तहत सिफारिश करती है; मोहित मिनरल्स, 2022 ने इन सिफारिशों को बाध्यकारी आदेश नहीं माना।
  • अनुच्छेद 323A/323B के अधिकरण एल. चंद्र कुमार, 1997 के बाद उच्च न्यायालय की न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं हैं।
  • RTI संशोधन, 2019 ने सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और सेवा-शर्तों को केंद्र सरकार के नियमों से जोड़ा।
  • 16वां वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के तहत 31 दिसंबर 2023 को 2026-31 चक्र के लिए गठित हुआ।

मुख्य बिंदु

  1. 1

    हर संस्था को पहले उसके स्रोत से पहचानें: संवैधानिक, वैधानिक, कार्यपालिका, संसदीय, न्यायालय-निर्देशित या अंतरराष्ट्रीय।

  2. 2

    निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 का निकाय है; 2023 के नियुक्ति कानून ने अनूप बरनवाल के बाद चयन समिति बदली।

  3. 3

    GST परिषद अनुच्छेद 279A के तहत सिफारिश करती है; मोहित मिनरल्स, 2022 ने इन सिफारिशों को बाध्यकारी आदेश नहीं माना।

  4. 4

    CVC, CIC, NHRC, लोकपाल, NGT, SEBI, CCI, TRAI और UIDAI वैधानिक हैं, संवैधानिक नहीं।

  5. 5

    हटाने की सुरक्षा अलग-अलग है: CAG और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को न्यायाधीश जैसी सुरक्षा मिलती है; अन्य निर्वाचन आयुक्तों के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश चाहिए।

  6. 6

    अनुच्छेद 323A/323B के अधिकरण एल. चंद्र कुमार, 1997 के बाद उच्च न्यायालय की न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं हैं।

  7. 7

    RTI संशोधन, 2019 ने सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और सेवा-शर्तों को केंद्र सरकार के नियमों से जोड़ा।

  8. 8

    16वां वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के तहत 31 दिसंबर 2023 को 2026-31 चक्र के लिए गठित हुआ।

खबरों में आने वाली समिति, निकाय और संस्था को कैसे पढ़ें

प्रीलिम्स में यह विषय नामों की सूची नहीं है। इसे हर खबर में आए सरकारी निकाय को पढ़ने का तरीका मानकर पढ़ना चाहिए।

  • मूल बात: सरकारी समिति, निकाय या संस्था ऐसा सार्वजनिक तंत्र है, जिसे किसी तय सरकारी काम, सलाह, निगरानी, जांच, नियमन या फैसले के लिए बनाया जाता है।
  • संवैधानिक निकाय: ये सीधे संविधान से बनते हैं। समसामयिकी में सबसे अहम उदाहरण हैं निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324, CAG अनुच्छेद 148-151, वित्त आयोग अनुच्छेद 280, UPSC और राज्य लोक सेवा आयोग अनुच्छेद 315-323, GST परिषद अनुच्छेद 279A, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अनुच्छेद 338, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अनुच्छेद 338A, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अनुच्छेद 338B, महान्यायवादी अनुच्छेद 76 और महाधिवक्ता अनुच्छेद 165।
  • वैधानिक निकाय: ये संसद या राज्य विधानमंडल के अधिनियम से बनते हैं। NHRC मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 से; CIC RTI अधिनियम, 2005 से; CVC, CVC अधिनियम, 2003 से; लोकपाल, लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 से; NGT, NGT अधिनियम, 2010 से; CCI प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 से; TRAI, TRAI अधिनियम, 1997 से; SEBI, SEBI अधिनियम, 1992 से; और UIDAI आधार अधिनियम, 2016 से जुड़ा है।
  • कार्यपालिका से बने निकाय: ये संकल्प, अधिसूचना, कार्यपालिका आदेश या मंत्रिमंडल के फैसले से बनते हैं। नीति आयोग 2015 के कार्यपालिका संकल्प से बना; कई मंडल और विशेषज्ञ समूह इसी श्रेणी में आते हैं।
  • संसदीय समितियां: ये सदनों के प्रक्रिया-नियमों और संसदीय परंपरा से चलती हैं। PAC, अनुमान समिति, लोक उपक्रम समिति, विभाग-संबंधी स्थायी समितियां और संयुक्त संसदीय समितियां कानून बनाने और सरकार की जवाबदेही में अहम रहती हैं।
  • अस्थायी समितियां और आयोग: कुछ निकाय सीमित उद्देश्य के लिए बनते हैं। जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत बना आयोग वैधानिक है; बिना अधिनियम का उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समूह सामान्यतः कार्यपालिका से बना माना जाएगा।
  • UPSC की आम चाल: प्रसिद्ध राष्ट्रीय संस्था को अपने-आप संवैधानिक न मानें। CVC, CIC, NHRC, NGT, लोकपाल, CBI, NIA, SEBI और CCI संवैधानिक निकाय नहीं हैं; इनमें कई वैधानिक हैं और CBI का आधार दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 तथा कार्यपालिका व्यवस्था में है।
  • समसामयिकी पढ़ने का तरीका: बनाने का स्रोत, संरचना, नियुक्ति करने वाली सत्ता, कार्यकाल, हटाने की सुरक्षा, अधिकार-क्षेत्र, फैसले की बाध्यता, अपील का रास्ता, वित्तीय आवंटन और सलाहकारी या बाध्यकारी स्वरूप अलग-अलग नोट करें। इसी क्रम में अधिनियम का नाम, संबंधित अनुच्छेद, नियुक्ति समिति, हटाने की प्रक्रिया, वार्षिक प्रतिवेदन और अपील मंच अलग-अलग लिखें। इससे समाचार की भाषा और परीक्षा में पूछे जाने वाले कानूनी तथ्य अलग दिखते हैं।
  • महत्त्व: सवाल अब सिर्फ खबर नहीं पूछते, संस्था की बनावट पूछते हैं। कोई निकाय उद्देश्य में स्वतंत्र दिख सकता है, पर नियुक्ति, वित्तीय आवंटन या कर्मियों के मामले में सरकार पर निर्भर हो सकता है; यही अंतर प्रीलिम्स में कथन बनता है। इसलिए नाम याद करने से अधिक ज़रूरी है कि संस्था किस कानून से बनी, किसे जवाब देती है और उसका आदेश सचमुच बाध्यकारी है या केवल प्रभावशाली सिफारिश।

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संभावित प्रश्न

अभ्यास में जाने से पहले उत्तर संरचना जाँचने के लिए इन प्रश्नों का उपयोग करें।

1MCQनिम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. GST परिषद अनुच्छेद 279A के तहत गठित है। 2. मोहित मिनरल्स के बाद इसकी सिफारिशें संसद और राज्य विधानमंडलों पर बाध्यकारी हैं। 3. मतदान में रखा प्रस्ताव उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के भारित मतों के कम-से-कम तीन-चौथाई से पारित होता है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?1 अंक · 50 शब्द
  1. Aकेवल 1 और 2
  2. Bकेवल 1 और 3सही
  3. Cकेवल 2 और 3
  4. D1, 2 और 3

व्याख्या

अनुच्छेद 279A सही है और भारित मतों की सीमा तीन-चौथाई है। मोहित मिनरल्स, 2022 ने GST परिषद की सिफारिशों को केंद्र और राज्यों पर बाध्यकारी आदेश नहीं माना।

~50 शब्द · 1 अंक