पुरस्कार और सम्मान
मुख्य तथ्य
- अनुच्छेद 18 उपाधियों को रोकता है, पर सैन्य और शैक्षणिक विशिष्टता को अनुमति देता है; राष्ट्रीय पुरस्कार उपाधि की तरह न इस्तेमाल हों तो वैध हैं।
- पद्म पुरस्कार 1954 में शुरू हुए; 1955 की अधिसूचना से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री बने।
- बालाजी राघवन/एस. पी. आनंद, 1995 ने माना कि भारत रत्न और पद्म पुरस्कार अनुच्छेद 18 की उपाधियां नहीं हैं।
- राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार के पहले संस्करण, 2024, में 4 श्रेणियों में 33 पुरस्कार दिए गए।
मुख्य बिंदु
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अनुच्छेद 18 उपाधियों को रोकता है, पर सैन्य और शैक्षणिक विशिष्टता को अनुमति देता है; राष्ट्रीय पुरस्कार उपाधि की तरह न इस्तेमाल हों तो वैध हैं।
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भारत रत्न की सिफारिश प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को भेजते हैं; पद्म पुरस्कार समिति-आधारित सिफारिश से चलते हैं।
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पद्म पुरस्कार 1954 में शुरू हुए; 1955 की अधिसूचना से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री बने।
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बालाजी राघवन/एस. पी. आनंद, 1995 ने माना कि भारत रत्न और पद्म पुरस्कार अनुच्छेद 18 की उपाधियां नहीं हैं।
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सरकारी कर्मचारी सामान्यतः पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होते; डॉक्टर और वैज्ञानिक अपवाद हैं।
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वीरता अलंकरणों का क्रम है: परम वीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र।
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राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार के पहले संस्करण, 2024, में 4 श्रेणियों में 33 पुरस्कार दिए गए।
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UNESCO में सूचीबद्धता, GI टैग और पुरस्कार अलग-अलग तरह की मान्यताएं हैं; इनके कानूनी असर को आपस में न मिलाएं।
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दायरा: सम्मान को सार्वजनिक मान्यता की तरह पढ़ें, बिखरी जानकारी की तरह नहीं
पुरस्कार और सम्मान को समसामयिकी में सार्वजनिक मान्यता की व्यवस्था की तरह पढ़ना चाहिए: कौन देता है, किस अधिकार से देता है, किस क्षेत्र के लिए देता है, प्रक्रिया क्या है और संवैधानिक सीमा कहाँ है।
- प्रीलिम्स के लिए अर्थ: पुरस्कार उत्कृष्टता, सेवा, साहस, रचनात्मकता, सार्वजनिक नेतृत्व, वैज्ञानिक योगदान, खेल-प्रदर्शन, सांस्कृतिक उपलब्धि या संस्थागत काम की औपचारिक मान्यता है। सम्मान का दायरा थोड़ा बड़ा है; इसमें अलंकरण, पदक, प्रशस्ति, ट्रॉफी, सूचीबद्ध मान्यता और नोबेल पुरस्कार या UNESCO मान्यता जैसी अंतरराष्ट्रीय श्रेणियां भी आ सकती हैं।
- संवैधानिक शुरुआत: अनुच्छेद 18 उपाधियों को समाप्त करता है। अनुच्छेद 18(1) कहता है कि राज्य सैन्य या शैक्षणिक विशिष्टता को छोड़कर कोई उपाधि नहीं देगा। अनुच्छेद 18(2) भारतीय नागरिक को किसी विदेशी राज्य से उपाधि लेने से रोकता है। अनुच्छेद 18(3) और 18(4) कुछ गैर-नागरिकों और राज्य के अधीन पद धारण करने वालों के लिए विदेशी उपाधि, उपहार, पारिश्रमिक या पद स्वीकार करने पर राष्ट्रपति की सहमति की शर्त लगाते हैं।
- मुख्य फर्क: भारत रत्न, पद्म पुरस्कार और वीरता अलंकरण वंशानुगत उपाधि या नाम के आगे-पीछे लगने वाला दर्जा नहीं हैं। ये योग्यता या साहस की मान्यताएं हैं। परीक्षा का सामान्य जाल यही है कि “पुरस्कार” और “उपाधि” को एक ही मान लिया जाए।
- संस्थागत आधार: अधिकांश राष्ट्रीय पुरस्कार कार्यपालिका की अधिसूचना, योजना-निर्देश, मंत्रालय के नियम, स्वायत्त अकादमी की प्रक्रिया या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के नियमों से चलते हैं। इनके लिए कोई एक “राष्ट्रीय पुरस्कार अधिनियम” नहीं है।
- कानूनी सीमा: सम्मान किसी नागरिक को दूसरों से ऊपर कानूनी दर्जा नहीं देता। इससे संसद में सीट, अभियोजन से छूट, सरकारी नौकरी में प्राथमिकता या नाम के साथ सम्मान को उपसर्ग-प्रत्यय की तरह लगाने का अधिकार नहीं मिलता।
- UPSC क्यों पूछता है: यह विषय स्थिर राजव्यवस्था को समसामयिकी से जोड़ता है। अनुच्छेद 18, राष्ट्रपति की औपचारिक भूमिका, मंत्रालयों की चयन समितियां, खुले नामांकन, अंतरराष्ट्रीय संगठन, कला-संस्कृति, खेल, विज्ञान, रक्षा और कूटनीति एक ही कथन-आधारित प्रश्न में आ सकते हैं।
- समसामयिकी छांटने का तरीका: किसी हालिया सम्मान को तभी याद रखें जब वह नई श्रेणी, पहली उपलब्धि, आधिकारिक संख्या, किसी बड़े वैश्विक पुरस्कार में भारतीय उपस्थिति, या पारदर्शिता, मरणोपरांत सम्मान, विविधता, राजनीतिकरण और चयन-स्वतंत्रता जैसी बहस से जुड़ा हो।
- सुरक्षित पद्धति: नाम याद करने से पहले हर तथ्य को इन खानों में रखें: संवैधानिक सम्मान, नागरिक सम्मान, वीरता अलंकरण, विषय-क्षेत्र पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, धरोहर मान्यता, खेल पुरस्कार, विज्ञान पुरस्कार या लोक-सेवा पुरस्कार।
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1MCQअनुच्छेद 18 और राष्ट्रीय पुरस्कारों पर निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अनुच्छेद 18 सैन्य और शैक्षणिक विशिष्टता की अनुमति देता है। 2. यदि प्राप्तकर्ता संवैधानिक पदाधिकारी हो तो भारत रत्न को नाम के आगे लगाया जा सकता है। 3. उच्चतम न्यायालय ने भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों को अनुच्छेद 18 की उपाधि नहीं माना। ऊपर दिए गए कौन-से कथन सही हैं?
व्याख्या
कथन 1 और 3 सही हैं। अनुच्छेद 18 सैन्य और शैक्षणिक विशिष्टता को बचाता है, और बालाजी राघवन/एस. पी. आनंद ने राष्ट्रीय पुरस्कारों को वैध माना। नाम के आगे या पीछे उपयोग वर्जित है।
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