मुख्य तथ्य

  • 1970 के शुरुआती दशक में Dennis Ritchie ने Bell Labs में C भाषा विकसित की;
  • 1983 में ANSI ने C को मानकीकृत करने के लिए X3J11 समिति बनाई, जिससे अलग-अलग कंपाइलर और मशीनों पर पोर्टेबल C प्रोग्राम अधिक भरोसेमंद बने।
  • 1989 में ANSI ने C89 मानक को मंजूरी दी; इसी से कोर सिंटैक्स, लाइब्रेरी हेडर और फ़ंक्शन प्रोटोटाइप नियम तय हुए, जो वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में अब भी पूछे ज...
  • 1991 में Guido van Rossum ने Python 0.9.0 जारी किया; इसमें पठनीय सिंटैक्स, मॉड्यूल, अपवाद और सामान्य प्रयोजन प्रोग्रामिंग के लिए बने उच्च-स्तरीय डेटा...
  • 2000 में Python 2.0 ने लिस्ट कॉम्प्रिहेंशन और चक्रीय गार्बेज कलेक्शन जोड़ा, जिससे संक्षिप्त डेटा-हैंडलिंग और स्क्रिप्टिंग में Python की भूमिका मजबूत ह...

मुख्य बिंदु

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    1970 के शुरुआती दशक में Dennis Ritchie ने Bell Labs में C भाषा विकसित की; सिस्टम प्रोग्रामर को UNIX, मेमोरी पते और दक्ष कंपाइल्ड कोड से जुड़ी संक्षिप्त भाषा मिली।

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    1983 में ANSI ने C को मानकीकृत करने के लिए X3J11 समिति बनाई, जिससे अलग-अलग कंपाइलर और मशीनों पर पोर्टेबल C प्रोग्राम अधिक भरोसेमंद बने।

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    1989 में ANSI ने C89 मानक को मंजूरी दी; इसी से कोर सिंटैक्स, लाइब्रेरी हेडर और फ़ंक्शन प्रोटोटाइप नियम तय हुए, जो वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में अब भी पूछे जाते हैं।

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    1991 में Guido van Rossum ने Python 0.9.0 जारी किया; इसमें पठनीय सिंटैक्स, मॉड्यूल, अपवाद और सामान्य प्रयोजन प्रोग्रामिंग के लिए बने उच्च-स्तरीय डेटा ढांचे दिखे।

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    2000 में Python 2.0 ने लिस्ट कॉम्प्रिहेंशन और चक्रीय गार्बेज कलेक्शन जोड़ा, जिससे संक्षिप्त डेटा-हैंडलिंग और स्क्रिप्टिंग में Python की भूमिका मजबूत हुई।

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    2008 में Python 3.0 ने भविष्य की भाषा-संगति के लिए पिछली संगतता जानबूझकर तोड़ी; टेक्स्ट हैंडलिंग और डिविज़न व्यवहार इसके प्रमुख परीक्षा-बिंदु हैं।

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    2011 में ISO ने C11 को ISO/IEC 9899:2011 के रूप में प्रकाशित किया; इसमें स्टैटिक असर्शन, बेहतर यूनिकोड समर्थन और मानक मेमोरी मॉडल जैसे फीचर जुड़े।

सी और Python में प्रोग्राम, भाषा और निष्पादन मॉडल का मुख्य अंतर क्या है?

सी और Python में मुख्य अंतर यह है कि सी हार्डवेयर के अधिक निकट, कंपाइल होकर चलने वाली संरचित भाषा है, जबकि Python अधिक अमूर्त, पठनीय और रनटाइम-सहायित भाषा है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के आधिकारिक 2022 पाठ्यक्रम पीडीएफ के अनुसार वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक परीक्षा कुल 200 अंकों की होती है और इसमें 2 पेपर होते हैं।

सी और Python दोनों सामान्य प्रयोजन की प्रोग्रामिंग भाषाएं हैं, पर उनकी सोच अलग है। सी हार्डवेयर के निकट काम करने वाली संरचित भाषा है। इसमें प्रोग्रामर डेटा प्रकार, मेमोरी, पॉइंटर और फ़ाइल संसाधनों पर अधिक प्रत्यक्ष नियंत्रण रखता है। इसलिए ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर, एम्बेडेड सिस्टम, कंपाइलर और उच्च प्रदर्शन वाले भागों में सी का महत्व बना रहता है। आरएसएसबी सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर जैसे वस्तुनिष्ठ पेपर में सी को केवल सिंटैक्स नहीं, बल्कि मेमोरी मॉडल और निष्पादन नियंत्रण के साथ पढ़ना चाहिए।

Python अधिक अमूर्त और उत्पादकता-केंद्रित भाषा है। इसमें इंडेंटेशन से ब्लॉक बनते हैं, बहुत-सा मेमोरी प्रबंधन रनटाइम संभालता है, और बड़ी स्टैंडर्ड लाइब्रेरी के कारण छोटे प्रोग्राम जल्दी लिखे जाते हैं। Python को अक्सर इंटरप्रेटेड कहा जाता है, लेकिन व्यवहार में सामान्य सीPython कार्यान्वयन स्रोत कोड को पहले बाइटकोड में बदलता है और फिर वर्चुअल मशीन उसे चलाती है। सी में पहले कंपाइलर मशीन कोड बनाता है, इसलिए चलने से पहले त्रुटियों का बड़ा भाग पकड़ा जा सकता है।

ध्यान रखें: सी में नियंत्रण और गति अधिक है, Python में पठनीयता और विकास की गति अधिक है; एमसीक्यू में यही मूल अंतर बार-बार पूछा जाता है।

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